Chhattisgarh : 14 लाख रुपये के इनाम वाली एक महिला माओवादी ने बालाघाट में आत्मसमर्पण कर दिया है। वह लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय थी। माना जा रहा है कि पुलिस के दबाव और सरकार की पुनर्वास नीतियों के चलते उसने यह कदम उठाया है। उसके आत्मसमर्पण से क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगने की संभावना है।
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उस पर तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 14 लाख रुपये का इनाम था। मध्य प्रदेश में नई आत्मसमर्पण पुनर्वास सह राहत नीति-2023 के तहत यह किसी माओवादी के आत्मसमर्पण का पहला मामला है। सुनीता वर्ष 2022 में माओवादी संगठन में शामिल हुई थी और फरवरी 2025 से बालाघाट में सक्रिय थी। वह मलाजखंड दर्रेकसा दलम में जोन प्रभारी रामदेर की हथियारबंद गार्ड थी।
Chhattisgarh वह मलाजखंड दर्रेकसा दलम में जोन प्रभारी रामदेर की हथियारबंद गार्ड थी
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि यदि माओवादी पुनर्वास की इच्छुक हैं तो पुलिस उन्हें स्वीकार करेगी और पुनर्वास नीति का लाभ भी प्रदान करेगी।

