भैंस के दूध से बना दही और फिर रायता, खाने वालों में फैली दहशत, 160 लोगों ने अस्पताल में एंटी रेबीज के लगवाये इंजेक्शन
उझानी क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है।गंगा किनारे के गांव पिपरौल पुख्ता में कुत्ता के काटने से एक दुधारू भैंस की बृहस्पतिवार को मौत हो गई।इससे पहले इस भैंस का दूध तेरहवीं भोज में दिया गया।दूध से दही बनाकर रायता बनाया गया, जो भोज में परोसा गया।भैंस की मौत के बाद रायता खाने वालों में रेबीज की आशंका से दहशत फैल गई।
बदायूं के उझानी क्षेत्र में कुत्ता के काटने के बाद बृहस्पतिवार को भैंस की मौत हो गई।इससे पहले 23 दिसंबर को तेरहवीं भोज में उसी भैंस के दूध से बना रायता खाने वाले लोगों में दहशत है। उझानी अस्पताल में शनिवार दोपहर बाद तक लगभग 160 लोगों ने एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को अलग से काउंटर की व्यवस्था करनी पड़ी। जबकि, अन्य लोगों ने निजी अस्पतालों में एंटी रेबीज का टीका लगाया है।
मामला गंगा किनारे के गांव पिपरौल पुख्ता का है।गांव के प्रमोद साहू की भैंस को पिछले दिनों कुत्ते ने काट लिया था। चार दिन पहले पड़ोस में ही तेरहवीं संस्कार में भोज के लिए दूध की जरूरत पड़ी तो प्रमोद ने अपनी भैंस का दूध भेज दिया। दूध से दही बनाकर रायता बनाया गया। भोज में करीब एक हजार से अधिक लोगों ने भोजन किया। महिलाएं और बच्चे भी भोज में शामिल हुए थे। बृहस्पतिवार को अचानक ही भैंस मर गई।इसकी भनक लगते ही लोगों में दहशत फैल गई। रेबीज फैलने की आशंका से परेशान लोगों ने अस्पताल पहुंचना शुरू कर दिया।

ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कम पड़ गईं एंबुलेंस:-एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंचने के लिए लोगों ने शुक्रवार रात से एंबुलेंस बुलाने के लिए कॉल करनी शुरू कर दी।ग्रामीण मोहन ने बताया कि एक-एक एंबुलेंस में आठ-नौ लोग बैठकर अस्पताल पहुंचे। कुछेक परिवार के सदस्य तो निजी वाहनों से अस्पताल आ गए।
मृतक के दामाद कृपाशंकर ने कराया था तेरहवीं भोज:-पिपरौल निवासी ओरन साहू के कोई बेटा नहीं है। उनके निधन के बाद दामाद कृपाशंकर ने तेरहवीं भोज का आयोजन किया था।इसी लिए कई ग्रामीणों ने बिना कहे ही अपनी-अपनी भैंस का दूध पहुंचा दिया था। जिन घरों से दूध पहुंचा,उसे आपस में मिलाकर ही गर्म किया गया। इसी वजह से तेरहवीं भोज की दावत खाने वाले लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
लार में होता है रैबीज वायरस, दूध पीने से नहीं होता संक्रमण:-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के रेफरल पॉलीक्लीनिक प्रभारी प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत पावड़े के मुताबिक दुधारू पशु अगर रेबीज संक्रमित है तो उसके दूध के सेवन से संक्रमण की आशंका नहीं होती।दूध पूरी तरह सुरक्षित होता है। वायरस पशु के लार में होता है। इसलिए संक्रमित भैंस का दूध पीने वालों को कोई खतरा नहीं।हालांकि जो भैंस के चारा देने, नहलाने, दुहने, साफ-सफाई के कार्य करते हैं।उनके संक्रमण की चपेट में आने की आशंका से इंकार नहीं कर सकते।इसलिए उन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने का सुझाव दिया है।संक्रमित भैंस को अन्य पशुओं से अलग रखने, उसके पास जाने के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
चिकित्साधीक्षक डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि उझानी में शनिवार को करीब 150 लोगों, महिलाओं और बच्चों के इंजेक्शन लगाए गए हैं। रेबीज का किसी भी पशु के दूध से साइड इफैक्ट नहीं होता। दूध गर्म किए जाने के बाद ही दही जमाया होगा। लोगों में बेवजह की आशंका बनी हुई है। फिर भी जो लोग एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल आ रहे हैं, उन्हें इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

