Badaun News: पांच साल से फर्जी दस्तावेजों के सहारे दौड़ रही थी बाइक
पुलिस ने दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का किया पर्दाफाश
बदायूं।सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में 25 जनवरी को यातायात पुलिस की सतर्कता से बाइक चोरी और दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है।पुलिस ने फर्जी इंजन और चेसिस नंबर के साथ चल रही बाइक को पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
टीएसआई आरएल राजपूत ने बताया कि वह अपने टीम के साथ कचहरी चौकी के पास चेकिंग कर रहे थे।इस दौरान एक ‘स्प्लेंडर प्लस’ बाइक यूपी 23 X 0702 को रोका गया।बाइक चला रहे व्यक्ति के पास मिले दस्तावेजों में इंजन और चेसिस नंबरों में विसंगति पाई गई।मामले की जांच में सामने आया कि मूल वाहन स्वामी रामगोपाल अमरोहा का रहने वाला है।उसकी बाइक के नंबरों का इस्तेमाल किसी दूसरी बाइक पर किया जा रहा था।
आरोपी भूरे यादव ने करीब पांच साल पहले शोभित नामक के व्यक्ति को यह बाइक बेची थी।भूरे यादव पर आरोप है कि उसने किसी अन्य बाइक के इंजन और चेसिस नंबर मिटाकर उन पर रामगोपाल की बाइक के नंबर कूटरचित (फर्जी तरीके से) ढंग से अंकित करवा लिए।इसके साथ ही फर्जी आधार कार्ड और डुप्लीकेट आरसी भी तैयार की गई थी।
यातायात उपनिरीक्षक ललित कुमार के शिकायती पत्र पर पुलिस ने धोखाधड़ी और दस्तावेजों की जालसाजी के मामले में भूरे यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।मामले की जांच उपनिरीक्षक अनंत अमोरिया को सौंपी गई है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

