Amroha News-उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक बेहद रुला देने वाली और दर्दनाक खबर सामने आई है। सात समंदर पार सऊदी अरब में रोजी-रोटी कमाने गए यूपी के दो सगे भाइयों को वहां की पुलिस ने अचानक गिरफ्तार कर लिया है। पिछले 3 महीने से बेटों की कोई खबर न मिलने पर अमरोहा में बैठे उनके बूढ़े और बीमार मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।
घर में बिस्तर पर लकवाग्रस्त (Paralyzed) पड़े पिता और बेबस मां ने अब रोते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से अपने जिगर के टुकड़ों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।
सऊदी पुलिस ने किया गिरफ्तार, वजह अब तक ‘राज’
यह पूरा मामला अमरोहा जनपद के नौगावां सादात कस्बे का है। यहां रहने वाले हसन अब्बास और उनकी पत्नी फरजाना ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया है। परिजनों के मुताबिक, उनका बड़ा बेटा मोहम्मद जफर पिछले दो सालों से सऊदी अरब में प्लंबर का काम कर रहा था। वहीं, छोटा बेटा मोहम्मद राहिब भी करीब एक साल पहले अपने बड़े भाई के पास ही काम करने के लिए सऊदी चला गया था।
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन करीब 3 महीने पहले परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सऊदी पुलिस दोनों भाइयों को उनके कमरे से अपने साथ ले गई। परिवार आज तक दर-दर भटक रहा है, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया है कि आखिर उनके बेटों को किस जुर्म में हिरासत में लिया गया है।
पिता बिस्तर पर लकवाग्रस्त, मां के आंसुओं ने रुलाया
जब पत्रकारों की टीम इस पीड़ित परिवार के घर पहुंची, तो मां फरजाना के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। उन्होंने रोते हुए अपनी जो आपबीती सुनाई, वह किसी का भी दिल पसीजने के लिए काफी है।
फरजाना ने बताया कि उनके पति हसन अब्बास भी पहले सऊदी अरब में ही काम करते थे। लेकिन करीब 7 साल पहले वहां काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। ऑपरेशन के बाद हसन अब्बास लकवाग्रस्त (पैरालाइज) हो गए और तब से लेकर आज तक वे घर की चारपाई पर ही अपनी जिंदगी काट रहे हैं। घर का पूरा खर्च और पिता के इलाज की जिम्मेदारी दोनों बेटों के कंधों पर थी। अब बेटों के जेल जाने से परिवार के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।
इस बेबस परिवार की पूरी कहानी एक नज़र में:
कहाँ का है मामला: अमरोहा का नौगावां सादात कस्बा (यूपी)।
लापता बेटे: मोहम्मद जफर (बड़ा बेटा) और मोहम्मद राहिब (छोटा बेटा)।
क्या हुआ: 3 महीने पहले सऊदी अरब की पुलिस ने दोनों भाइयों को बिना कारण बताए गिरफ्तार कर लिया।
परिवार की हालत: पिता 7 साल से पैरालाइज होकर बिस्तर पर हैं, दोनों बेटे ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।
विदेश मंत्रालय और पीएम मोदी से आखिरी उम्मीद
रोती-बिलखती मां फरजाना और लाचार पिता हसन अब्बास ने अब भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय (External Affairs Ministry) से अपील की है कि उनके बेटों की जानकारी जुटाई जाए और उन्हें जल्द से जल्द रिहा कराकर वतन वापस लाया जाए।

