Amroha News-अमरोहा (04 अप्रैल): उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘स्कूल चलो अभियान 2026’ (School Chalo Abhiyan) का शनिवार को अमरोहा जनपद में पूरे उत्साह के साथ आगाज हो गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षक विधायक श्री हरि सिंह ढिल्लो की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सभी अधिकारियों और शिक्षकों ने वाराणसी (काशी) के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण (Live Telecast) देखा।
‘शिक्षा नैतिकता और देश के प्रति कर्तव्य सिखाती है’
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षक विधायक हरि सिंह ढिल्लो ने बच्चों और अभिभावकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी परिवार देता है, लेकिन उसके बाद की दुनिया से उसे शिक्षक ही रूबरू कराता है।
उन्होंने शिक्षा के वास्तविक अर्थ पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा का मतलब सिर्फ नौकरी पाना नहीं है, बल्कि शिक्षा का असली मतलब नैतिकता, सहनशीलता और देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझना है। यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे जिला, प्रदेश और पूरे भारत में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।”
नामांकन की रूपरेखा और सरकार का लक्ष्य
विधायक जी ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि कोई भी बच्चा घर पर खाली न बैठे। उन्होंने नए सत्र के लिए नामांकन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया:
3 वर्ष तक के बच्चे: आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत होंगे।
6 वर्ष तक के बच्चे: इनका दाखिला बेसिक (प्राथमिक) स्कूलों में कराया जाएगा।
कक्षा 5, 8 और 10 पास करने वाले बच्चे: क्रमशः उच्च प्राथमिक (कक्षा 6), कक्षा 9 और कक्षा 11 में अनिवार्य रूप से प्रवेश लेंगे।
घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाएं: एडीएम गरिमा सिंह
अपर जिलाधिकारी (वि/रा) गरिमा सिंह ने शिक्षा के अधिकार पर जोर देते हुए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की। उन्होंने शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से छूट न जाए। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर कार्य करना होगा।
कुशल नागरिक तैयार करना हमारा उद्देश्य: बीएसए डॉ. मोनिका सिंह
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. मोनिका सिंह ने कहा कि यूपी सरकार की साफ मंशा है कि सभी को शिक्षा का समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने कहा, “संविधान में भी एक लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना का सुझाव है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी को मजबूत शिक्षा व स्वास्थ्य देना है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे देश के निर्माण में योगदान दें और स्वावलंबी व कुशल नागरिक बनें।”
इस महत्वपूर्ण अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और नए शैक्षणिक सत्र के लिए अपने कर्तव्यों का उचित निर्वहन करने का संकल्प लिया।

