अमरोहा | मुख्य संवाददाता जनपद में प्रदूषण नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ईंट-भट्ठों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स के सख्त तेवरों के बाद बुधवार को प्रशासनिक अमले ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बिना प्रदूषण अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अवैध रूप से संचालित किए जा रहे दो प्रमुख ईंट-भट्ठों पर संयुक्त टीम ने छापेमारी कर उन्हें बंद कराया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया है।
संयुक्त टीम की छापेमारी से मचा हड़कंप
जिलाधिकारी के आदेश पर गठित इस विशेष टीम में प्रदूषण विभाग, राजस्व विभाग, खनन विभाग, पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। बुधवार, 18 फरवरी 2026 को टीम अचानक तहसील व जनपद अमरोहा के ग्राम सिरसा खुम्मार पहुंची। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे भट्ठों की सघन जांच की गई।
कार्रवाई की जद में आए भट्ठे:
मैसर्स सुपर गोल्ड ब्रिक वर्क्स: ग्राम सिरसा खुम्मार, तहसील अमरोहा।
आदिल ईंट उद्योग (पूर्व नाम: लक्ष्मी ईंट उद्योग): ग्राम सिरसा खुम्मार, तहसील अमरोहा।
जांच के दौरान पाया गया कि उक्त दोनों इकाइयां उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनिवार्य ‘सहमति’ (NOC) प्राप्त किए बिना ही धुआं उगल रही थीं। प्रशासन ने मौके पर ही संचालन को रुकवा दिया और भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी जारी की।
नियमों की अनदेखी पर बरती गई सख्ती
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन भट्ठों को बार-बार चेतावनी दी जा रही थी कि वे मानक पूरे करें और आवश्यक शुल्क जमा करें। इसके बावजूद, बिना वैध दस्तावेजों के इनका संचालन जारी था। कार्रवाई के दौरान पाया गया कि न तो इनके पास प्रदूषण विभाग की एनओसी थी और न ही इन्होंने नियमानुसार विनियमन शुल्क (Regulation Fee) जमा किया था।
अग्निशमन विभाग ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर रिपोर्ट तैयार की है। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सुनिश्चित किया कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध न हो।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश
जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा:
“जनपद में केवल उन्हीं ईंट-भट्ठों को चलाने की अनुमति दी जाएगी जो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों को पूरा करते हैं। बिना एनओसी और बिना शुल्क जमा किए संचालित होने वाले भट्ठे न केवल राजस्व की हानि कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा हैं।”
भविष्य की योजना: रडार पर अन्य अवैध भट्ठे
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने ऐसे अन्य ईंट-भट्ठों की सूची तैयार कर ली है जो बिना वैध लाइसेंस या शुल्क बकाया होने के बावजूद संचालित हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल सिरसा खुम्मार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में तहसील स्तर पर व्यापक स्तर पर अन्य क्षेत्रों में भी छापेमारी की जाएगी।
मुख्य बिंदुओं पर एक नजर:
कठोर चेतावनी: टीम ने भट्ठा स्वामियों को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा बिना अनुमति के संचालन पाया गया, तो भारी जुर्माने के साथ एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व वसूली: प्रशासन उन भट्ठों पर भी नजर रख रहा है जिन्होंने खनन विभाग और प्रदूषण विभाग का बकाया शुल्क जमा नहीं किया है।
पर्यावरण संरक्षण: यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है ताकि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।
भट्ठा संचालकों में छाई चुप्पी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अन्य भट्ठा संचालकों में भी खौफ का माहौल है। कई संचालकों ने अपनी चिमनियों को ठंडा कर दिया है और कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए विभागों के चक्कर काटना शुरू कर दिया है।

