Amroha : किसानों की हुंकार से गूंजा परिसर! 11 बजे से शुरू हुआ आंदोलन, दोपहर तक पहुंचे अधिकारी, कई मांगों पर तुरंत समाधान – रुकी सब्सिडी, केसीसी, गन्ना भुगतान पर बड़ी राहत!
आज अमरोहा कलेक्ट्रेट का नज़ारा कुछ अलग ही था धूप तेज़ थी लेकिन किसानों का जोश उससे भी तेज़! भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले दोपहर 11 बजे से शुरू हुआ धरना-प्रदर्शन पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।,अध्यक्षता चौधरी धर्मवीर सिंह ने की, जबकि संचालन की कमान संभाली प्रदेश प्रवक्ता मा. सत्यवीर सिंह गुर्जर ने।
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कलेक्ट्रेट पर जुटे हजारों किसान हमारा हक़ हमें दो” के नारों से गूंज उठा माहौल!,किसानों की एकजुटता देख प्रशासन भी हरकत में आया और दोपहर 12 बजे तक एक-एक कर तमाम बड़े अधिकारी धरना स्थल पर पहुंच गए। धरने में पहुंचे जिला कृषि अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, उपजिलाधिकारी अमरोहा, तहसीलदार, परियोजना निदेशक (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण), उपसंचालक चकबंदी, प्रभागीय वन अधिकारी, अधिशासी अभियंता (विद्युत वितरण खंड, पीडब्ल्यूडी, जल निगम शहरी व ग्रामीण), अधिशासी अभियंता (मध्य गंगा नहर खंड-4) और क्षेत्रीय अधिकारी यूपी ग्रामीण बैंक गजरौला आदि।,एक साल से अटकी सब्सिडी अगले हफ्ते तक जारी होगी।,₹2 लाख तक के केसीसी ऋण पर अब कोई भूमि बंधक या गारंटी नहीं ली जाएगी।
Amroha : भारतीय किसान यूनियन (शंकर) के बैनर तले दोपहर 11 बजे से शुरू हुआ
किसान अब तहसील के चक्कर नहीं काटेंगे, भूलेख पोर्टल से एक क्लिक में केसीसी, बनेगा।,बहजोई ब्रांच नहर में 8 अक्टूबर से पानी छोड़ा जाएगा, जिससे हजारों किसानों की फसलें सींची जा सकेंगी।, जिन चीनी मिलों ने गन्ना भुगतान समय से नहीं किया, उनके क्रय केंद्र काटकर समय से भुगतान करने वाली मिलों को दिए जाएंगे।,गजरौला के प्रदूषण मुद्दे पर अलग से धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
शासन स्तर की मांगों को लेकर कल लखनऊ कूच!,भाकियू (शंकर) का प्रतिनिधिमंडल कल नौचंदी एक्सप्रेस से राजधानी लखनऊ रवाना होगा और शासन के समक्ष किसानों की लंबित समस्याएं रखेगा।,शाम 4:45 बजे हुआ प्रदर्शन स्थगित — जीत का अहसास लिए लौटे किसान!,दिनभर चली गहमागहमी के बाद शाम 4:45 पर प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया।
किसानों के चेहरों पर संतोष और जज़्बा दोनों झलक रहे थे क्योंकि कई मुद्दों पर तत्काल निपटारा हो गया।,सरकार को किसानों की ताकत समझनी होगी। जब किसान एकजुट होता है, तो फैसले भी बदल जाते हैं!”नतीजा साफ है अमरोहा के किसानों की आवाज़ अब सिर्फ धरती नहीं, सरकार की गलियारों तक गूंज रही है!

