समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के एक बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी है। लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अधिकतर घुसपैठिए उत्तराखंड से आते हैं। यह बयान उन्होंने भाजपा के उन आरोपों का जवाब देते हुए दिया, जिसमें विपक्ष पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाकर घुसपैठियों के वोट बचाने का आरोप लगाया जा रहा था।
इस बयान पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखा पलटवार किया है। धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि और वीरभूमि का अपमान है। उन्होंने 1994 के रामपुर तिराहा कांड का भी जिक्र किया, जब मुजफ्फरनगर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों पर गोली चलाई गई थी। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे, और उत्तराखंड का गठन वर्ष 2000 में हुआ था।
धामी ने कांग्रेस से भी सवाल किया है कि क्या सपा के सहयोगी दल को उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना स्वीकार्य है। खबर लिखे जाने तक न तो सपा और न ही कांग्रेस की ओर से इस पर कोई स्पष्टीकरण आया था।
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