Haryana , चंडीगढ़। ऊंची-ऊंची घास, गुर्राते शेर और विशाल जंगलों में भागती-दौड़ती जिंदगी- जंगल के बारे में सोचते ही हमारे दिमाग में अफ्रीका की छवि उभर आती है। लेकिन, यह नजारा Haryana में भी देखने को मिलेगा और वह भी एक एकड़ में नहीं, बल्कि दस हजार एकड़ के विस्तार में!
Haryana में शिक्षा का डबल धमाका, अब BA करते-करते बनेंगे शिक्षक
Haryana सरकार ने अपने 2025-26 के बजट में जो सपना पेश किया था, वह अब गुरुग्राम और नूंह की धरती पर स्थापित होने वाले “अरावली जंगल सफारी प्रोजेक्ट” के रूप में धरातल पर उतरेगा। और यकीन मानिए, यह सफारी सिर्फ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, संरक्षण और भविष्य को लेकर नए विचारों की शुरुआत का प्रतीक है।
Haryana : 10,000 एकड़ में फैलेगा ‘जंगल का जादू
यह कोई आम बात नहीं है। दस हजार एकड़ अफ्रीका के बाहर शारजाह के सबसे बड़े सफारी पार्क से पांच गुना बड़ा है! सिंगापुर या केन्या में लोग जिस जानवर को देखने जाते हैं- शेर, बाघ और तेंदुओं से लेकर असामान्य पक्षी और विदेशी प्रजातियां- वह सब यहां बनाई गई सफारी में देखने को मिलेगा।
15 KM लंबा तेंदुआ ट्रैक – रोमांच बिना ब्रेक!
15 किलोमीटर लंबा तेंदुआ पार्क, जो इन रहस्यमय शिकारी बिल्लियों के लिए एक सुरक्षित घर होने के साथ-साथ एक आदर्श अनुसंधान और संरक्षण वाहन भी होगा, इस परियोजना का सबसे आकर्षक घटक होगा।
Haryana CM खुद संभाल रहे हैं कमान!
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह इस परियोजना को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखना चाहते। Haryana के जंगल सफारी को भी विश्वस्तरीय रूप दिया जा सके, इसके लिए वे 7 और 8 जून को गुजरात में वंतारा परियोजना देखने गए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा, “यह सफारी ऐसी होगी, जिसमें कोई भी जानवर इंसानों के लिए खतरा नहीं बनेगा। हर स्तर पर हम पर्यावरण संबंधी मानदंड बनाए रखेंगे और हरियाणा के मूल निवासी पौधों की खेती करेंगे।

