जयपुर,। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को सिर्फ शिक्षा प्रदान करना ही नहीं बल्कि इसके माध्यम से उनके जीवन में मूल्यों, नैतिकता और संस्कारों का समावेश कर आदर्श नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में भामाशाहों, शिक्षाविदों एवं प्रेरकों की त्रिवेणी अहम भूमिका निभा रही है।
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इनसे प्रेरणा लेकर समाज के अन्य लोग भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे। Bhajanlal Sharma शनिवार को माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में आयोजित 29वें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की रक्षा के लिए अपनी समस्त संपत्ति महाराणा प्रताप को समर्पित करने वाले भामाशाह का नाम हमारे हृदय में गर्व और सम्मान का भाव जगाता है।
आज भी आवश्यकता पड़ने पर समाज के लिए भामाशाह आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि समभाव, समानता तथा एक-दूसरे को आगे बढ़ाने का दृष्टिकोण प्रदेश की मिट्टी में विद्यमान है।
मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दान का विशेष महत्व है। प्राचीन काल से ही हमारे शास्त्रों में दान को पुण्य का कार्य माना गया है। उन्होंने कहा कि भगवद् गीता में कहा गया है कि बिना किसी अपेक्षा के दिया गया दान सबसे उत्तम होता है। भामाशाह भी इसी भावना के साथ विद्यालयों में आर्थिक सहयोग दे रहे हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए हमारी सरकार सभी राजकीय विद्यालयों के संस्थागत ढांचे को सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रयासरत है।
13 हजार राजकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास-रूम शुरू : Bhajanlal Sharma
Bhajanlal Sharma ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में हर बच्चे को सुलभ, आधुनिक और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। बच्चों को डिजिटल शिक्षा देने के लिए लगभग 14 हजार राजकीय विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं। साथ ही, 13 हजार राजकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास-रूम शुरू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हमने 402 पीएम श्री विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं शुरू की हैं जो बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं। साथ ही, स्वामी विवेकानंद विद्यालयों में भी पहली बार प्राथमिक कक्षाओं की शुरुआत की गई है।
2 लाख 27 हजार बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये से अधिक की डीबीटी
Bhajanlal Sharma ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा से बेटियों को सशक्त बनाने को अपनी प्राथमिकता माना है। इसी दिशा में 2 लाख 27 हजार बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह राशि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को पंख देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

