चंडीगढ़। Haryana के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को तंजानिया गणराज्य के संयुक्त वित्त आयोग (जेएफसी) के प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस अहम संवाद में भारत के राजकोषीय ढांचे, वित्तीय अनुशासन और संसाधन विभाजन को लेकर गहन चर्चा हुई।
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मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान भारत के संघीय वित्तीय प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच कर संग्रहण की ज़िम्मेदारियों, राजस्व के स्रोतों, ऋण वित्तपोषण की प्रक्रिया और अनुदानों के वितरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हरियाणा राज्य बजट से बाहर कोई उधारी नहीं लेता और यह वित्तीय अनुशासन उसकी प्राथमिकता में है।
रस्तोगी ने राजकोषीय संघवाद की व्याख्या करते हुए बताया कि भारत में राज्यों को केंद्र सरकार के कर राजस्व में हिस्सा 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर मिलता है, और अब 16वां वित्त आयोग 31 अक्तूबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। उन्होंने तंजानिया प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि नाबार्ड जैसी संस्थाएं कृषि और ग्रामीण विकास की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं, जबकि एनसीआर योजना बोर्ड राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत राज्यों को विकास कार्यों के लिए आर्थिक मदद करता है।
Haryana इस व्यावहारिक सत्र से उन्हें भारत की वित्तीय संरचना को समझने में मदद मिली
तंजानिया के संयुक्त वित्त आयोग सचिवालय के अध्यक्ष अहमद सआदत ने Haryana सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस व्यावहारिक सत्र से उन्हें भारत की वित्तीय संरचना को समझने में मदद मिली है।

