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नाबालिग लड़की की शादी के मामले में बिहार-दिल्ली पुलिस को Supreme Court का नोटिस

On: June 19, 2025 8:30 AM
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Supreme Court
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नयी दिल्ली: Supreme Court ने बिहार की एक नाबालिग लड़की की दोगुने उम्र के व्यक्ति से जबरन शादी और उसे बार-बार प्रताड़ित करने के मामले में याचिकाकर्ता (लड़की और उसके एक दोस्त) को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देते हुए बुधवार को बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

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न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति मनमोहन की अंशकालीन कार्य दिवस पीठ ने बिहार के पुलिस महानिदेशक और दिल्ली पुलिस आयुक्त को लड़की(16) और उसके दोस्त (जिसने उसकी मदद की) की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नाबालिग की जान के खतरे को देखते हुए अदालत ने बिहार और दिल्ली पुलिस को तत्काल सहायता के लिए लड़की और उसके दोस्त को आपातकालीन संपर्क नंबर उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

Supreme Court ने संबंधित पुलिस प्रमुखों को अगली सुनवाई (जुलाई) से पहले स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा अदालत ने लड़की की मां और उसे पति को नोटिस जारी किया। उन्हें मामले में पक्षकार बनाया गया है। Supreme Court इस मामले में अगली सुनवाई जुलाई में करेगी। अदालत ने लड़की द्वारा अपने दोस्त के माध्यम से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद ये निर्देश जारी किया।

दोस्त ने उसे (लड़की) शादी से भागने में कथित मदद की थी। इस मामले में अब लड़के के दोस्त पर अपहरण का आरोप लगाया गया है जिसे लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।याचिका में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत उक्त विवाह को रद्द करने और पुलिस द्वारा किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया है कि लड़की की उसके परिवार के दबाव में नौ दिसंबर, 2024 को शादी कर दी गई थी। जिस व्यक्ति से उसकी शादी हुई थी उसकी उम्र 33 वर्ष है और वह सिविल ठेकेदार है। ठेकेदार पर लड़की के परिवार को दी गई वित्तीय सहायता के बदले में शादी करने का आरोप है। याचिका में कहा गया है कि लड़की ने इस वर्ष कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दी थी।

याचिका के अनुसार लड़की को शादी के तुरंत बाद पति के साथ रहने के लिए भेज दिया गया और उसे मायके लौटने से मना कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके ससुराल वालों ने उस पर बच्चा पैदा करने के लिए दबाव डाला और उसे पढ़ाई जारी रखने से रोक दिया।

Supreme Court संबंधित पुलिस प्रमुखों को अगली सुनवाई (जुलाई) से पहले स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया

उसे भावनात्मक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा, खासकर जब उसने यौन संबंधों का विरोध किया। याचिका में दावा किया गया है कि उसके पति ने उसे जान से मारने की सार्वजनिक धमकी देते हुए कथित तौर पर कहा था कि वह इसके लिए खुशी से जेल जाएगा।

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