‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर देश को पहली बार संबोधित करते हुए PM Modi ने पूरी दृढ़ता के साथ दो टूक शब्दों में कहा कि भारत किसी परमाणु हमले को सहन नहीं करेगा। PM Modi ने कहा कि भारत का मत एक दम स्पष्ट है कि टैरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते, टैरर और ट्रेड एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकते।
सेना के पराक्रम से पाकिस्तान को ‘लक्ष्मण रेखा’ बतायी : PM Modi
PM Modi ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया गया है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापा जाएगा कि वो क्या रवैया अपनाता है। PM Modi ने देश के बहादुर सशस्त्र बलों, सैनिकों, वैज्ञानिकों और खुफिया एजेंसी को ‘सेल्यूट’ किया।
PM Modi ने कहा, आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। मोदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नयी लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। पहला- भारत पर आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
हम अपने तरीके, अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह जाकर कठोर कार्यवाही करेंगे, जहां से आतंक की जड़ें निकलती हैं। दूसरा कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। तीसरा-हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, दुनिया ने पाकिस्तान का घिनौना सच फिर देखा, जब मारे गये आतंकियों को विदाई देने, पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। हम भारत और अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, पाकिस्तानी फौज और सरकार, जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे हैं, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा।
पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टैरर इंफ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा। इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है। मोदी ने कहा कि मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूंगा, हमारी घोषित नीति रही है, अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो आतंकवाद और पीओके पर ही होगी।
PM Modi ने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है, लेकिन यह आतंकवाद का युग भी नहीं है। मोदी ने कहा, जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों और ड्रोन्स ने हमला बोला, तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, उनका हौसला भी थर्रा गया। भारत के इन हमलों में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया।
भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा, हताशा में घिर गया और बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया। पाकिस्तान ने हमारे स्कूलों-कॉलेजों, गुरुद्वारों, मंदिरों, सामान्य नागरिकों के घरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन इसमें भी वह खुद बेनकाब हो गया। पाकिस्तान के ड्रोन्स और मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गई।
पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। दुनिया भर में गुहार लगा रहा था। बुरी तरह पिटने के बाद 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सोमवार को ही भारतीय सशस्त्र बलों ने तुलसीदास और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों के साथ पड़ोसी देश को कड़ा एवं सटीक संदेश दिया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संबंध में जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता की शुरुआत में इस अभियान से जुड़ा वीडियो दिखाया गया, जिसमें रामधारी सिंह दिनकर की कविता को पूरे जोश के साथ गाया गया ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या मरण होगा।’ ये पंक्तियां दिनकर ने महामारत युद्ध के संदर्भ में लिखी थीं।
इन पंक्तियों के साथ वीडियो क्लिपिंग दिखाये जाने के सवाल पर भारतीय वायुसेना के वायु संचालन महानिदेशक एयर मार्शल एके भारती ने कहा, रामधारी सिंह दिनकर हमारे राष्ट्रकवि रहे हैं। यह सवाल कि उनकी पंक्तियों के साथ क्या संदेश दिया जा रहा है। तो मैं बस, आपको रामचरित मानस की एक पंक्ति याद दिलाऊंगा तो आप समझ जाएंगे कि क्या संदेश है।
PM Modi ‘बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होई न प्रीति।’
इसके बाद PM Modi ने चौपाई कही, ‘बिनय न मानत जलधि जड़ गए तीनि दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होई न प्रीति।’ भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकी बुनियादी ढांचे और आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का समर्थन करना चुना और संघर्ष बढ़ाया।

