भोपाल: Madhya Pradesh में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन के लिये इस शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 2383 हायर सेकण्ड्री स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गई है और तीन लाख विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दिलाई गई है।
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आधिकारिक जानकारी के अनुसार नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को सुलभता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिये व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया गया है। नई शिक्षा नीति में इस बात पर ध्यान दिया गया है कि तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में हम सभी का योगदान हो।
बढ़ती हुई आबादी के साथ रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस चुनौती का सामना करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने शालाओं में विद्यार्थियों को उनकी रूचि और आवश्यकता के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा देने की व्यवस्था की है। स्कूलों में नये ट्रेडों की शुरूआत की गई और उनमें प्रशिक्षकों की सेवा भी ली जा रही है।
Madhya Pradesh में प्रारंभिक तौर पर मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किये गये
Madhya Pradesh में सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये इस वर्ष 40 हजार से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिलाया गया है। प्रशिक्षण की व्यवस्था में प्रारंभिक तौर पर मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग यह प्रयास कर रहा है कि सभी विद्यार्थी आगामी कक्षा में प्रवेश लें। विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को अपने जिले में विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट संख्या कम करने पर विशेष ध्यान देने के लिये भी कहा गया है।

