उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान में एक संवेदनशील फैसला लिया है। सरकार ने 1994 के रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोली से घायल होकर पूर्णतः शैय्याग्रस्त हुए दो राज्य आंदोलनकारियों को 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त पेंशन और एक-एक सहायक देने के फैसले को मंजूरी दी है।
किन दो आंदोलनकारियों को मिलेगा लाभ
हरिद्वार के प्रकाश चंद कांति और देहरादून के अमित ओबराय उत्तराखंड आंदोलन के दौरान 1994 में रामपुर तिराहा कांड में पुलिस की गोली से घायल होकर जिंदगी भर के लिए बिस्तर पर चले गए थे। सरकार द्वारा इन दोनों के त्याग को सम्मान देते हुए यह फैसला लिया गया है। दोनों आंदोलनकारियों को वर्तमान में 30 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष सम्मान पेंशन दी जा रही है। अब उनकी दैनिक देखभाल और उपचार के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
दिवाली पर पूर्व मुख्यमंत्रियों से मिले CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली के लिए विदा करने के बाद दिवाली से जुड़ी रस्मों-परंपराओं को निभाते हुए भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर सभी को दीप पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के आवास पहुंचकर उनको भी बधाई दी।
आंदोलनकारियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान के कारण ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ और सरकार उनके सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। बीते पांच सालों में राज्य आंदोलनकारियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनमें यह फैसला भी शामिल है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की खबर यहां पढ़ें
सम्मान पेंशन से जुड़ी व्यवस्था
राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों को विशेष सम्मान पेंशन देती है। शैय्याग्रस्त आंदोलनकारियों की देखभाल के लिए अब अतिरिक्त सहायता और सहायक की व्यवस्था से उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब की खबर भी पढ़ें

