गंगा कॉरिडोर की घोषणा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 5 नवंबर को हरिद्वार और ऋषिकेश में 235 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले गंगा कॉरिडोर प्रोजेक्ट की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में लिखा कि इस प्रोजेक्ट से गंगा तटों की भव्यता, धार्मिक विरासत और पर्यटन सुविधाओं को नया स्वरूप मिलेगा।
क्या बदलेगा
इस प्रोजेक्ट के तहत हरिद्वार और ऋषिकेश के घाटों का पुनर्विकास किया जाएगा, धार्मिक स्थलों को सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। दोनों शहर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र नदी तटों में गिने जाते हैं और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं। सरकार का कहना है कि घाटों के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नमामि गंगे की पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने 2014 में नमामि गंगे कार्यक्रम शुरू किया था, जिसके तहत गंगा बेसिन में घाटों और नदी तटों के विकास का काम चल रहा है। गंगा कॉरिडोर प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक और कदम है। सरकार का कहना है कि गंगा की सफाई और तटों के विकास को साथ-साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
पर्यटन को बढ़ावा
हरिद्वार में हर की पौड़ी और ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट जैसे स्थानों पर पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कॉरिडोर के बनने से इन स्थानों की व्यवस्था और बेहतर होगी। स्थानीय व्यापारियों को भी इस प्रोजेक्ट से फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से बाजार में रौनक आएगी।
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