Sahaswan News: सक्रिय हुआ मिलावटखोरों का नेटवर्क: सहसवान में संदिग्ध मिठाइयों की दुकानें, प्रशासन की सुस्ती पर उठे सवाल
सहसवान। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही तहसील सहसवान और आसपास के इलाकों में मिलावटखोरों का सिंडिकेट एक बार फिर सक्रिय हो गया है।कस्बे से लेकर ग्रामीण बाजारों तक में धड़ल्ले से सफेद जहर यानी सिंथेटिक खोया,पनीर और कैमिकल युक्त रंगीन मिठाइयों की दुकानें सज चुकी हैं।चौंकाने वाली बात यह है कि त्योहार सिर पर है,लेकिन खाद्य विभाग ने अब तक सहसवान में कोई बड़ी छापेमारी नहीं की है ।प्रशासन की इस सुस्ती को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
त्योहार पर सेहत से खिलवाड़:-स्थानीय लोगों का आरोप है कि सहसवान कस्बे के मुख्य बाजारों और चौराहों पर नकली मावे (खोए) से बनी मिठाइयां भारी मात्रा में डंप की जा रही हैं।बाहर से आने वाले सस्ते और घटिया स्तर के खोए का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।चांदी के वर्क के नाम पर एल्युमिनियम की परत और मिठाइयों को चमकदार बनाने के लिए खतरनाक कपड़ों वाले रंगों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है,जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत पर वार कर रहा है।
कार्रवाई न होने से मिलावटखोर बेखौफ:-आमतौर पर त्योहारों से हफ़्तों पहले खाद्य विभाग की टीमें सक्रिय हो जाती हैं,लेकिन इस बार सहसवान में सन्नाटा पसरा हुआ है।दुकानदारों के खिलाफ कोई जांच या सैंपलिंग न होने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।बिना किसी डर के घटिया और मिलावटी सामान महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दुकानों पर छापेमारी कर सैंपल नहीं लिए गए,तो इस दीपावली पर्व पर सैकड़ों परिवार बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
जनता की मांग: तुरंत हो ताबड़तोड़ छापेमारी:-सहसवान के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि कागजी कोरम पूरा करने के बजाय तुरंत धरातल पर उतरकर दुकानदारों के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाए ।गोदामों और संदिग्ध डेयरी संचालकों पर बिना देरी किए छापेमारी हो,ताकि मिलावट के इस काले कारोबार पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

