उत्तराखंड सरकार ने करवा चौथ के अवसर पर 29 अक्टूबर (गुरुवार) को राज्य की महिला कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया गया, जिसे राज्यपाल धल सिंह बिसेन ने मंजूरी दी। सरकारी आदेश जारी कर दिया गया है और सभी संबंधित विभागों व संस्थानों को इसका पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
किन कर्मचारियों पर लागू होगा आदेश
यह अवकाश सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं पर लागू होगा। आदेश में निर्दिष्ट श्रेणियों के कर्मचारियों और संस्थानों को इस अवकाश का लाभ मिलेगा। घोषणा का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों को त्योहार के पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर देना है।
Karwa Chauth holiday Uttarakhand: महिला कर्मचारियों से जुड़ी खबर
CM धामी ने क्या कहा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि करवा चौथ महिलाओं के विश्वास, प्रेम और परिवार के प्रति आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्योहार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की भावनाओं, विश्वास और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनके हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशीलता से कार्य कर रही है।
सिर्फ उत्तराखंड तक सीमित
यह घोषणा 29 अक्टूबर 2026 के लिए है और विशेष रूप से उत्तराखंड तक सीमित है। यह देशभर में अवकाश की स्थापना नहीं करती और न ही राज्य के हर निजी क्षेत्र के कर्मचारी पर अपने आप लागू होती है। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने करवा चौथ पर 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है, जो सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू होगा।
करवा चौथ उत्तर भारत में विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला प्रमुख व्रत है, जिसमें महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चांद देखकर व्रत खोलती हैं।

