गैरसैंण। विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानसभा भवन की ओर कूच कर रहे आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। जंगलचट्टी बैरियर पर रास्ता जाम हो गया, जिससे अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के वाहन फंस गए। UKD कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को तत्काल स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग दोहराई, जबकि प्रदेश प्रधान संगठन ने ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती के खिलाफ 10 सूत्रीय मांगें उठाईं।
प्रशासन ने क्षेत्र को छावनी में बदल दिया था: जंगलचट्टी, दिवालीखाल, दुकमुतासैंण, चौखुटिया, पांडुवाखाल, मेहलचौरी, कालीमाटी, सिमली और मालसी पर लोहे के गेट और कंटीले तार लगाए गए, धारा 163 लागू की गई। कुमाऊं तरफ से आ रहे कार्यकर्ताओं की सुबह 8 बजे से पांडुवाखाल और मेहलचौरी बैरियर पर पुलिस से धक्का-मुक्की हुई; उक्रांद कार्यकर्ताओं ने मेहलचौरी पुल का लोहे का गेट उखाड़कर रामगंगा नदी में फेंक दिया, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
यह भी पढ़ें: गैरसैंण में सत्र शुरू: ₹7,400 करोड़ का अनुपूरक बजट | आदि कैलाश परिक्रमा रन 2.0 का समापन: गुंजी से बाइक रेस

