Sahaswan News: झोलाछाप और अपंजीकृत अस्पतालों में इलाज कराने से बचें, सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं निःशुल्क : डॉ. प्रशांत त्यागी
चिकित्सा अधीक्षक ने लोगों से की अपील,मरीजों को पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाने की दी सलाह
सहसवान (बदायूं) नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप और अपंजीकृत अस्पतालों में उपचार के दौरान हो रही मौतों की घटनाओं को लेकर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी ने चिंता व्यक्त करते हुए लोगों को जागरूक रहने की अपील की है।उन्होंने मरीजों के तीमारदारों से कहा कि वे अपने अस्वस्थ परिजनों को झोलाछाप चिकित्सकों और अपंजीकृत अस्पतालों में ले जाने से बचें तथा सरकार की निर्धारित गाइड-लाइन और मानकों के अनुरूप पंजीकृत अस्पतालों में ही उपचार कराएं।
डॉ.प्रशांत त्यागी ने कहा कि मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जच्चा-बच्चा केंद्र तथा आरोग्य मंदिरों में ले जाना चाहिए।आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पंजीकृत अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाएं।उन्होंने लोगों को आग्रह किया कि झोलाछाप चिकित्सकों के बहकावे में आकर अपने स्वास्थ्य को जोखिम में न डालें।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि किसी मरीज को संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, जिला चिकित्सालय बदायूं अथवा आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) में रेफर करने की व्यवस्था भी है।
चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सही समय पर उचित उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें, अपंजीकृत अस्पतालों में उपचार कराने से बचें तथा सुरक्षित एवं उचित चिकित्सा सेवाओं को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जच्चा बच्चा केंद्र में प्रसव की सभी आधुनिक सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं तथा ऑपरेशन भी किए जाते हैं साथ ही केंद्र में उपचार कराकर सरकार की योजनाओं से भी लाभान्वित हो।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

