देहरादून: Uttarakhand के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 332 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें आयुष विभाग के 271 कार्मिक और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) के तहत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं।
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामनाएं दीं और उनसे सेवाभाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ रोजगार नहीं है, बल्कि लोगों की सेवा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी है।
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Uttarakhand सीएम धामी ने कहा- नौकरी को जनसेवा का माध्यम बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र मिलना युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसके साथ ही उनके जीवन में जनसेवा की एक नई जिम्मेदारी शुरू होती है। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि वे सरकारी सेवा को केवल नौकरी के तौर पर न देखें, बल्कि समाज के अंतिम छोर तक खड़े व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बनाएं।
सीएम धामी ने कहा कि आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से है। दूर-दराज से अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने वाला व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है और कर्मचारियों की संवेदनशीलता, तत्परता तथा कार्यकुशलता उस भरोसे को मजबूत करती है।
Uttarakhand में भर्ती व्यवस्था को लेकर सीएम धामी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई के साथ सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी सेवाओं में अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
Uttarakhand को ‘आयुष प्रदेश’ बनाने पर जोर
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड योग, आयुर्वेद और औषधीय जड़ी-बूटियों की समृद्ध परंपरा वाला राज्य है। सरकार प्रदेश को मॉडल ‘आयुष प्रदेश’ और ‘ग्लोबल वेलनेस हब’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
प्रदेश के सभी जिलों में आयुष सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही पंचकर्म सेवाओं को आधुनिक बनाने और आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र स्थापित करने पर भी काम हो रहा है। ई-संजीवनी के माध्यम से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि ‘आयुष सेतु पोर्टल’ को भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
सभी 13 जिलों में पहुंची ESI योजना की स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना की स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। पहले ESI योजना राज्य के छह जिलों में संचालित थी, जिसे अब उत्तराखंड के सभी 13 जिलों तक पहुंचाया गया है।
उन्होंने बताया कि रुद्रपुर में 100 बेड के ESI अस्पताल का संचालन शुरू हो चुका है। वहीं हरिद्वार में 300 बेड के ESI अस्पताल का निर्माण जारी है। काशीपुर में भी ESI अस्पताल के लिए जमीन चिन्हित की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 47 नए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
मदन कौशिक ने भी नवनियुक्त कार्मिकों को दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने भी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुष सेवाओं को मजबूत और अधिक जनसुलभ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नए कार्मिकों के जुड़ने से विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव श्रम श्रीधर बाबू अद्दांकी, सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा रंजना राजगुरू, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, आकांक्षा कोण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से पूरी ईमानदारी, निष्ठा और सेवाभाव के साथ काम करने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता विकसित एवं सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

