बदायूं में गौशाला भ्रष्टाचार पर रार: कागजों पर 71,धरातल पर मिले 25 गौवंश; पोल खोली तो शिकायतकर्ता पर ही जड़ा वसूली का आरोप
बदायूं।जनपद के विकास खंड म्याऊँ की ग्राम पंचायत नबीगंज स्थित सरकारी गौशाला में वित्तीय अनियमितता और बदहाली का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। गौशाला में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांतीय पदाधिकारी पर ही पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पैसे मांगने का आरोप लगाए जाने से कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। मंगलवार को संगठन के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और दोषी अधिकारी को निलंबित करने की मांग की।
ये है पूरा मामला:- बीते 18 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर नबीगंज स्थित गौशाला की बदहाली और बदइंतजामी का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ था।वीडियो का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत महामंत्री पंकज गुप्ता कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।जांच के दौरान मौके पर चौकाने वाला खुलासा हुआ।आरोप है कि कागजों और सरकारी फाइलों में गौशाला के नाम पर 71 गौवंशों का सरकारी बजट जारी किया जा रहा था,जबकि धरातल पर निरीक्षण के दौरान मौके पर केवल 25 गौवंश ही मौजूद मिले। शेष गौवंशों के नाम पर आ रहे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए प्रांत महामंत्री ने पूरे मामले की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल के जरिए शासन-प्रशासन से की।

म्याऊँ ब्लॉक पर धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:-अधिकारी की इस कार्यशैली से नाराज राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष करन दक्ष के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने म्याऊँ ब्लॉक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने शासन और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।धरने के उपरांत कार्यकर्ताओं ने एसडीएम दातागंज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कार्यवाई की मांग:-ग्राम प्रधान से सांठ-गांठ कर भ्रष्टाचार दबाने और शिकायतकर्ता पर झूठे आरोप लगाने वाले पशु चिकित्साधिकारी ज्ञानवीर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।तथा म्याऊँ ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सरकारी गौशालाओं की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि कागजों पर चल रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो सके।गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों के चारे, पानी और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
धरने के दौरान जिलाध्यक्ष करन दक्ष ने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया और जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई,तो संगठन जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।प्रदर्शन के दौरान संगठन के तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

