देहरादून: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘सीएम हेल्पलाइन 1905’ की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर खानापूर्ति के लिए बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना चाहिए।
समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्देश:
लंबित शिकायतों पर सख्त रुख: 30 दिन और 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विशेष मॉनिटरिंग की जाए। बिना पूर्ण समाधान के शिकायतों को ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
तहसीलों का औचक निरीक्षण: मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। दाखिल-खारिज और भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता और तय समयसीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
पेयजल व सीवर लाइन का ऑडिट: स्वच्छ पेयजल को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर पाइपलाइन और सीवर लाइनों का ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बार-बार आने वाली शिकायतें: एक ही प्रकृति की जो शिकायतें बार-बार आ रही हैं, उनका विश्लेषण कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
सीएम ने बैठक से ही मिलाया शिकायतकर्ताओं को फोन समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन की हकीकत जानने के लिए सीधे शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात की:
मेडिकल बिल भुगतान: संजय कुमार रावत ने बताया कि दिवंगत पिता के इलाज के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है और शिकायत अनुचित रूप से बंद कर दी गई। सीएम ने तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने और भविष्य के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
पेंशन व पेयजल समस्या: पौड़ी गढ़वाल की बेबी कोटनाला की परित्यक्ता पेंशन और हरिद्वार की गीता की पेयजल आपूर्ति की समस्या पर सीएम ने संबंधित डीएम और सीडीओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मिला समाधान: देहरादून की शिल्पी सक्सेना ने स्ट्रीट लाइट लगने और अल्मोड़ा के आयुष बिष्ट ने छात्रवृत्ति मिलने पर सीएम का आभार जताया। हालांकि, आयुष के मामले में सीएम ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

