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खाकी का मनमाना ऑपरेशन, बिना रवानगी दूसरे हल्के में पहुंची पुलिस टीम

On: September 14, 2026 1:56 PM
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खाकी का मनमाना ऑपरेशन, बिना रवानगी दूसरे हल्के में पहुंची पुलिस टीम

बदायूं। जरीफनगर थाने की बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी के चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज अपना मनमाना ऑपरेशन चला रहे थे। बिना सूचना,अनुमति और बिना रवानगी के वह अपने चौकी क्षेत्र के अलावा दूसरे चौकी क्षेत्रों में दबिशें दे रहे हैं।चौकी प्रभारी ने अपने दम पर ही फर्जी एसओजी बना रखी थी।वह प्राइवेट गाड़ी, सादा वर्दी में पूरे रुतबे के साथ दबिशें देकर लोगों को मादक पदार्थों की तस्करी में फंसाने का भय बना रहे थे।मगर, इस बार पासा पलट गया।बिना अधिकारियों को सूचना,बिना रवानगी वह दूसरे क्षेत्र में पहुंचे जहां मादक पदार्थ होने की सूचना की बात कहते हुए एक घर में दबिश दे दी।पिता-पुत्रों को घर से उठाया गया,तलाशी लेने पर कुछ नहीं मिला तो विरोध करने पर घर के अंदर तोड़-फोड़ और मारपीट की गई।इस मामले ने तूल पकड़ा तो चौकी प्रभारी समेत उनके सहयोगी चार सिपाहियों को भी निलंबित किया गया है।चौकी प्रभारी और उनकी पूरी टीम की हर गतिविधि की विभागीय जांच शुरू की गई है।माना जा रहा है कि पूरी टीम पर अभी और सख्त कार्रवाई हो सकती है।

चौकी प्रभारी का विवादित ऑपरेशन:-चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज 7/8 सितंबर की रात चार सिपाहियों के साथ सादा वर्दी में गांव दियोहरा शेखपुर पहुंचे थे।यहां पर मादक पदार्थ होने की बात कहते हुए एक घर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।खास बात यह रही कि दियोहरा शेखपुर बस्तोई सीकरी चौकी क्षेत्र में नहीं,बल्कि मालपुर ततेरा चौकी क्षेत्र में आता है।इसके बावजूद टीम ने अपने हल्के से बाहर जाकर दबिश दी। गांव के उदय प्रकाश, अमरीश और कृपाल को टीम अपने साथ ले गई।गांव में सादा वर्दी में पुलिसकर्मियों के पहुंचने तीन लोगों को ले जाने से परिजन भी सकते में आ गए।बाद में इस कार्रवाई को लेकर सवाल इसलिए और गंभीर हो गए, क्योंकि दूसरे चौकी क्षेत्र में दबिश की जानकारी और प्रक्रिया का कोई स्पष्ट आधार सामने नहीं आया।

परिजनों की शिकायत और निलंबन:-परिजन जब तीनों के बारे में जानकारी करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनके वहां आने से इनकार कर दिया। इसी बीच परिजनों ने देखा कि चौकी इंचार्ज ने अपने प्राइवेट रूम में उनको बैठा रखा है।एक रूम से दूसरे रूम में जाते हुए पकड़े गए लोगों के परिजनों ने उनकोा देख लिया।इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामले की शिकायत की बात कही गई तो तीनों को छोड़ दिया गया, ताकि मामला तूल न पकड़े। मगर,इसकी शिकायत पीड़ित परिवार ने एसएसपी अंकिता शर्मा से की।इसके बाद जांच में दोषी पाए जाने पर चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज उनके सहयोगी चारों सिपाहियों को भी निलंबित कर दिया गया।अब सवाल उठता है कि एनडीपीएस एक्ट से जुड़ी सूचना आखिर किसने दी और उस सूचना पर दूसरे हल्के में दबिश देने का फैसला किस स्तर पर हुआ।पुलिस अमन की भूमिका की भी जांच कर रही है।साथ ही यह पहलू भी देखा जा रहा है कि क्या कार्रवाई के पीछे कोई और वजह या राजनीतिक दबाव था।बिना सूचना,बिना अनुमति और बिना रवानगी हुई यह दबिश पुलिस की जवाबदेही पर सीधा सवाल है।
नशे के कारोबार की चर्चा:-दियोहरा शेखपुर समेत आसपास के गांवों में अफीम गांजा समेत अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी की चर्चाएं सामने आती रही हैं।क्षेत्र में नशे के कारोबार को लेकर पुलिस की निगरानी भी रहती है।ऐसे में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े सामान की सूचना पर पुलिस टीम का पहुंचना जांच के दायरे में नहीं, बल्कि उसकी कार्रवाई की प्रक्रिया सवालों में है।दूसरे हल्के में दबिश देने से पहले सूचना,अनुमति और रवानगी क्यों नहीं कराई गई यही अब अहम सवाल है।दरोगा मनीष भारद्वाज आखिर दियोहरा शेखपुर किसके इशारे पर पहुंचे थे,यह सवाल अब जांच का अहम हिस्सा है।क्या एनडीपीएस की सूचना अमन की ओर से दी गई थी या किसी राजनीतिक दबाव में टीम दूसरे हल्के तक पहुंची।पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने के लिए दरोगा और संबंधित पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल खंगाली जा सकती है। इससे दबिश से पहले हुई बातचीत और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

परिजनों का हंगामा और कार्रवाई:-हंगामे से खुला पुलिस का खेल नहीं तो हो जाती फर्जी कार्रवाई।परिजन अगर थाने पहुंचकर तीनों के बारे में जानकारी नहीं मांगते और हंगामा नहीं करते तो पुलिस की यह कार्रवाई किस रूप में दर्ज होती, यह बड़ा सवाल है। थाने में तीनों के आने से इनकार के बाद मंजू ने उन्हें पुलिस टीम के साथ देख लिया।परिजनों के विरोध के बाद तीनों को रात में छोड़ दिया गया।अब जांच में यह भी अहम होगा कि अगर परिवार मौके पर सक्रिय न होता तो तीनों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती और उसका रिकॉर्ड क्या तैयार होता।

बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी का इतिहास:-26 मई को शुरू हुई थी बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी।जरीफनगर थाना क्षेत्र में बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी की शुरुआत 26 मई 2026 को हुई थी।चौकी खुलने के बाद यहां पहली तैनाती दरोगा मनीष भारद्वाज की हुई थी।नई चौकी शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को पुलिस सहायता आसानी से मिलने की उम्मीद जगी थी।चौकी का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करना था।अब चौकी से जुड़ी पुलिस कार्रवाई भी चर्चा में है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

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