Moradabad News-हरिद्वार से मुरादाबाद… कंधों पर बैठाकर लाए माता-पिता, इन 4 कांवड़ियों को पूरा देश कर रहा सलाम
By Manoj Kumar
On: August 7, 2026 8:02 PM

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Moradabad News-मुरादाबाद के चार युवाओं ने कलयुग में ‘श्रवण कुमार’ की कहानी को जीवंत कर दिया है। ये शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल के साथ अपने बुजुर्ग माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। आस्था और सेवा का यह अद्भुत दृश्य हर किसी को भावुक कर रहा है।आज के दौर में जहां कांवड़ यात्राओं में अक्सर बड़े-बड़े डीजे, भव्य झांकियों और शोर-शराबे की तस्वीरें सामने आती हैं, वहीं मुरादाबाद से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह तस्वीर किसी भव्य कांवड़ की नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और अगाध पितृ-भक्ति की है। मुरादाबाद के चार युवाओं ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को ही अपना भगवान मान लिया है और उन्हें कांवड़ के तराजू में बैठाकर हरिद्वार से मुरादाबाद तक की कठिन पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं। रास्ते में जो भी इन ‘कलयुग के श्रवण कुमारों’ को देख रहा है, वह श्रद्धा से नतमस्तक हो रहा है।बिलारी के मुड़ियाजैन के रहने वाले हैं ये शिवभक्त माता-पिता की सेवा का यह अद्भुत उदाहरण पेश करने वाले ये चारों युवक मुरादाबाद जिले की बिलारी तहसील के मुड़ियाजैन इलाके के रहने वाले हैं। सावन के इस पवित्र महीने में जहां लाखों शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं, वहीं इन युवाओं ने एक अलग ही संकल्प लिया। उन्होंने तय किया कि वे गंगाजल के साथ-साथ अपने बूढ़े माता-पिता को भी कंधे पर बैठाकर तीर्थाटन कराएंगे।200 किलोमीटर का सफर और मजबूत हौसले हरिद्वार से मुरादाबाद की दूरी लगभग 200 किलोमीटर है। एक सामान्य इंसान के लिए इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना ही अपने आप में बड़ी चुनौती है। लेकिन इन चार बेटों के मजबूत कंधों और उससे भी ज्यादा मजबूत इरादों के आगे यह दूरी छोटी पड़ गई। चिलचिलाती धूप, उमस और बारिश जैसी तमाम कठिन परिस्थितियों के बावजूद इनका जत्था बिना रुके, बिना थके आगे बढ़ रहा है।समाज के लिए एक बड़ा संदेश आज के समय में जब हम अक्सर अखबारों में बुजुर्ग माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ने या उनके तिरस्कार की खबरें पढ़ते हैं, ऐसे में मुरादाबाद की यह तस्वीर समाज को आईना दिखा रही है। इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि भगवान की सबसे बड़ी पूजा माता-पिता की सेवा ही है। रास्ते में हाईवे से गुजरते वक्त जो भी व्यक्ति इस दृश्य को देखता है, वह अपने वाहन रोककर इन युवाओं के हौसले की तारीफ करता है। कई लोग तो भावुक होकर इनके पैर तक छू रहे हैं और उनके साथ सेल्फी ले रहे हैं।आगे क्या होगा: चामुंडा मंदिर में गूंजेंगे हर-हर महादेव के जयकारे इस कांवड़ जत्थे के साथ चल रहे सहयोगियों के अनुसार, उनकी यह ऐतिहासिक और पावन यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर पहुंच चुकी है। 11 अगस्त (सोमवार) को यह कांवड़ बेड़ा मुरादाबाद शहर में प्रवेश करेगा। मुरादाबाद पहुंचने के बाद, स्थानीय प्रसिद्ध चामुंडा मंदिर में विधि-विधान के साथ भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। गंगाजल अर्पित करने के साथ ही युवाओं का यह पावन संकल्प पूरा हो जाएगा। स्थानीय लोग और मंदिर समिति भी इस खास कांवड़ के स्वागत के लिए जोरों से तैयारियां कर रहे हैं।
