राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम ‘यह पैसों की नहीं, आस्था की लूट’
By Manoj Kumar
On: July 12, 2026 12:13 PM

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कल्कि धाम के पीठाधीश्वर जगतगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर हमला और महापाप बताया. साथ ही इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे सक्षम जांच एजेंसी CBI से कराने की मांग की. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और मौलाना साजिद रशीदी पर भी तीखे बयान दिए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की.आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि में जो हुआ है, वह कोई सामान्य अपराध नहीं बल्कि महापाप है. उन्होंने कहा कि यह केवल पैसों की लूट का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा पर हमला है. उनके मुताबिक, इस पूरे मामले की जांच CBI से कराई जानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके.उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर बोलने का अधिकार केवल हिंदुओं का है. विपक्ष को इस मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उसने कभी राम मंदिर का समर्थन नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अब राम मंदिर के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना था कि विपक्ष का राम से कोई सरोकार नहीं है और न ही उनकी श्रद्धा राम में है.‘अखिलेश यादव का समाजवाद नहीं, नमाजवाद है’
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सनातन और समाजवाद संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अखिलेश यादव का समाजवाद से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और अखिलेश यादव का रिश्ता वैसा ही है जैसा महात्मा गांधी और राहुल गांधी का है.उन्होंने कहा कि जिस तरह महात्मा गांधी के कोई लक्षण राहुल गांधी में नजर नहीं आते, उसी तरह डॉ. लोहिया के कोई लक्षण अखिलेश यादव में दिखाई नहीं देते. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का समाजवाद, समाजवाद नहीं बल्कि नमाजवाद है.उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और पूरा विपक्ष राम मंदिर के बहाने 2027 का चुनाव हिंदुओं को भ्रमित करके जीतना चाहता है. उनका कहना था कि विपक्ष को लगता है कि अगर हिंदू नहीं बंटे तो वह 2027 का चुनाव नहीं जीत पाएगा. उन्होंने दावा किया कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस अतीत बन चुकी है, उसी तरह 2027 के बाद समाजवादी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में अतीत बन जाएगी.UCC लागू करने की मांग, वक्फ बोर्ड पर भी बोले
वक्फ बोर्ड में हिंदुओं को शामिल करने के सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अगर कोई बोर्ड भारत के संविधान के तहत बना है तो उसमें किसी भी भारतीय को शामिल किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अब पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का समय आ गया है.उन्होंने कहा कि भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति समान होना चाहिए और सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब दकियानूसी सोच से बाहर आने की जरूरत है. उनके मुताबिक, पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की कई समस्याओं का समाधान किया है, लेकिन अभी कुछ बीमारियां बाकी हैं, जिनका इलाज भी होना चाहिए.उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह वेशभूषा से भले नेता लगते हों, लेकिन आचरण और विचार से संत हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार के फैसले सनातन और राज्य की जनता के हित में हैं.सपा नेताओं को बताया ‘कालनेमि’ और ‘जयचंद’
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी नेताओं द्वारा राम मंदिर चढ़ावे की चोरी को लेकर लगाए गए पोस्टरों पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कुछ “कालनेमि” और “जयचंद” हिंदुओं को विभाजित कर 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना चाहते हैं.
