समर इंडिया संवाददाता जावेद चौधरी
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार की शाम एक भीषण सड़क हादसे में 20 साल के एक होनहार युवक की असमय जान चली गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब दो युवक एक डीजे की गाड़ी पर सवार होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी अचानक बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खड़े एक शीशम के पेड़ से जा टकराई।
इस खौफनाक Amroha road accident में जहां एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, वहीं उसका दूसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर किया गया है। असल में, यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, बल्कि एक ऐसे गरीब परिवार के उजड़ने की कहानी है, जिसका इकलौता सहारा 20 वर्षीय योगेश था। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ढोलक की थाप से चलता था घर, अब छाया मातम
स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, गंगेश्वरी ब्लॉक के मासकपुर माजरा का रहने वाला 20 वर्षीय योगेश और उसका साथी कन्हैया शनिवार शाम आदमपुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर माजरा से डीजे की गाड़ी पर बैठकर अपने घर लौट रहे थे। शाम करीब साढ़े सात बजे का वक्त रहा होगा, जब वे बहादुरपुर से आगे निकले ही थे कि गाड़ी अनियंत्रित होकर सीधे शीशम के पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक झटके से सड़क पर जा गिरे और खून से लथपथ हो गए।
दरअसल, मृतक योगेश की कहानी बेहद भावुक करने वाली है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उसे इंटरमीडिएट के बाद ही अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी थी। अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा होने के नाते घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर आ गई थी। परिवार का पेट पालने के लिए योगेश रामायण और भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजनों में ढोलक बजाने का काम करता था। जिस होनहार बेटे के दम पर परिवार सांस ले रहा था, उसकी इस दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मेरठ रेफर हुआ घायल साथी, विधायक ने बंधाया ढांढस
हादसे की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। बदहवास परिजन और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में दोनों घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद योगेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कन्हैया की नाजुक हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है, जहां उसकी जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है।
इस पूरी घटना में परिजनों ने पुलिस से कोई कानूनी कार्रवाई न चाहने की बात कही और बिना पोस्टमार्टम कराए ही नम आंखों से योगेश का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, इलाके में हुए इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और मुश्किल की इस घड़ी में हरसंभव सहायता दिलाने का पूरा भरोसा भी जताया है।

