Sambhal News—
संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां के बहजोई थाना क्षेत्र में स्थित एक चावल मिल में देर रात हुए एक भीषण हादसे (Sambhal Rice Mill Accident) ने सबको झकझोर कर रख दिया है। कारखाने के अंदर अचानक जहरीली गैस के प्रभाव में आने से दो मजदूरों की तड़प-तड़प कर जान चली गई। रात के सन्नाटे में हुई इस घटना के बाद पूरे मिल परिसर में चीख-पुकार मच गई।बताया जा रहा है कि यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक मजदूर मशीन के टैंक में उतरा था और गैस की चपेट में आ गया। उसे तड़पता देख उसका साथी अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए टैंक में कूद पड़ा। लेकिन बदकिस्मती से यह जहरीली गैस इतनी जानलेवा थी कि दोनों ही मजदूर इसका शिकार हो गए और किसी को भी जिंदा बाहर नहीं निकाला जा सका।
मौत का टैंक: आखिर कैसे हुआ यह Sambhal Rice Mill Accident?
असल में, यह पूरी घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की है। एस.आर. राइस मिल (SR Rice Mill) में रात की शिफ्ट का काम अपनी सामान्य गति से चल रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।एसपी बिश्नोई के मुताबिक, मिल में चावल से नमी (Moisture) हटाने वाली एक भारी-भरकम मशीन लगी हुई है। इसी मशीन के नीचे एक टैंक बना हुआ है। रात के वक्त एक मजदूर इसी टैंक में किसी काम से नीचे उतरा था, लेकिन वहां पहले से मौजूद ‘सिलिकॉन गैस’ के भारी जमाव के कारण वह तुरंत बेहोश होकर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले मजदूर को गिरता देख दूसरा व्यक्ति उसे बचाने के लिए फौरन नीचे उतरा, लेकिन गैस का असर इतना तेज था कि वह भी वहीं अचेत हो गया। गहराई और मौत के इस खौफनाक मंजर को देखकर इसके बाद किसी अन्य मजदूर ने टैंक में उतरने की हिम्मत नहीं जुटाई।
सीएम योगी ने लिया कड़ा संज्ञान, दिए त्वरित निर्देश
इस हृदयविदारक घटना की गूंज फौरन राजधानी लखनऊ तक भी पहुंच गई। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जिले की इस राइस मिल में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हुए स्थानीय प्रशासन को तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।दरअसल, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएम योगी ने आला अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने और राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी इस अभियान में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अधिकारियों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि वे पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें हर संभव सरकारी मदद मुहैया कराएं। प्रशासन को हादसे में संभावित रूप से घायल अन्य लोगों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है।
रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल, पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल, पुलिस ने दोनों मृत मजदूरों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। इस मनहूस खबर के मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।इस बीच, स्थानीय एसएचओ (SHO) ने फैक्ट्री मालिक और मजदूरों के परिवारों से लंबी बातचीत की है। पुलिस ने पीड़ित परिवारों को यह भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और जो भी इस लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। अब प्रशासन इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि क्या मिल के अंदर मजदूरों की सुरक्षा के लिए तय मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
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