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Badaun news :- एचपीसीएल में दिनदहाड़े हुई दो अधिकारियों की हत्या का मामला*

On: April 27, 2026 8:56 PM
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*एचपीसीएल में दिनदहाड़े हुई दो अधिकारियों की हत्या का मामला*

:मुख्य आरोपी पर शासन की अनुमति के बाद लगाई गई एन एस ए :

बदायूं । एचपीसीएल बायोगैस प्लांट

कांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एन एस ए ) के तहत कार्रवाई की है। शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।

अजय प्रताप को दोहरे हत्याकांड के बाद गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ भी हुई थी। वर्तमान में, आरोपी जमानत पर बाहर आने का प्रयास कर रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा का कहना है कि पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इसी क्रम में मूसाझाग क्षेत्र स्थित एचपीसीएल गैस प्लांट में 12 मार्च 2026 को हुई दोहरे हत्याकांड की घटना में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ NSA की कार्रवाई की गई है। आरोपी ने प्लांट में घुसकर डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हरवित मिश्रा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग भी की, जिसमें एक आरक्षी घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ था। इस मामले में मूसाझाग थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए और जांच के दौरान अन्य सह-अभियुक्तों के नाम भी सामने आए, जिन्हें जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास लंबा और गंभीर रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए NSA जैसी सख्त कार्रवाई जरूरी थी। जिला प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया।

प्रशासन का मानना है कि जेल से बाहर आने के बाद अजय प्रताप फिर से किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता है। अधिकारियों का उद्देश्य है कि वह अधिक से अधिक समय तक जेल में रहे, जिससे उसके व्यवहार में सुधार की संभावना बढ़ सके।

इसी कारण उसके खिलाफ एन एस ए की कार्रवाई की गई है। इसके बाद अजय प्रताप अगले एक साल तक जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।

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