Farmer Registry 2026
*सम्मान निधि, गेहूं क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री, खाद लेने हेतु इत्यादि सभी सरकारी योजनाओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य*
*फार्मर रजिस्ट्री क्या है?*
फार्मर रजिस्ट्री को किसान आईडी या गोल्डन कार्ड भी कहते हैं. यह एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसमें किसान की समस्त भूमि का विवरण दिया रहता है. जिसका प्रयोग किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किया जा सकता है.
Farmer identity card : 6 करोड़ किसानों को मिली डिजिटल आईडी, जानें क्या है सरकार का प्लान
*फार्मर रजिस्ट्री के फायदे*
1) *खाद की दुकान पर फार्मर रजिस्ट्री दिखाकर आप अपनी भूमि के अनुसार खाद ले सकते हैं , खतौनी दिखाने की जरूरत नहीं रहेगी*
1) क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, सरसों इत्यादि बेचने हेतु सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी
2) किसान क्रेडिट कार्ड मात्र तीन दिनों में बन जाएगा
3) आपदा से फसलों में क्षति होने पर क्षतिपूर्ति
4) सम्मान निधि के लिए अनिवार्य
5) अन्य योजनाओं में सीधा लाभ
*फार्मर रजिस्ट्री कैसे बनवाएं*
Former registry जन सेवा केदो, कृषि विभाग के कर्मचारी , लेखपाल, पंचायत सहायक द्वारा अथवा स्वयं भी कर सकते हैं
सेल्फ मोड का प्रयोग करते हुए किसान अपने मोबाइल से अपनी अथवा किसी अन्य की फॉर्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं
*आवश्यक प्रपत्र*
1) आधार से लिंक मोबाइल नंबर
2) आधार नंबर
3) खतौनी अथवा गाटा संख्या
*फार्मर रजिस्ट्री के फायदे*
1) क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, सरसों इत्यादि बेचने हेतु सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी
2) किसान क्रेडिट कार्ड मात्र तीन दिनों में बन जाएगा
3) आपदा से फसलों में क्षति होने पर क्षतिपूर्ति
4) सम्मान निधि के लिए अनिवार्य
5) अन्य योजनाओं में सीधा लाभ
उप निदेशक कृषि डॉ0 राम प्रवेश ने बताया कि जनपद में 85% किसानो की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है, शेष 15% किसानो की फार्मर रजिस्ट्री कराया जाना शेष है, जनपद में 1.79 लाख किसानो की फार्मर रजिस्ट्री कराया जाना था जिसमें से 1.55 लाख किसानो की फॉर्म रजिस्ट्री हो चुकी है. जनपद अमरोहा फार्मर रजिस्ट्री करने के मामले में प्रदेश में 18वे स्थान पर है
जनपद के समस्त किसानो की फार्मर रजिस्ट्री कराई जाने हेतु ग्राम पंचायत वार लेखपाल , कृषि विभाग के कर्मचारी, पंचायत सहायक और जन सेवा केंद्र के माध्यम से फार्म रजिस्ट्री के कैंप लगाए जा रहे हैं

