Amroha News-अमरोहा/गजरौला: भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) ने किसानों के हक और पर्यावरण के गंभीर मुद्दों को लेकर हुंकार भर दी है। नाईपुरा गांव में होमपाल सिंह के आवास पर आयोजित एक अहम पंचायत में एमएसपी (MSP) गारंटी कानून और गजरौला की एक केमिकल फैक्ट्री द्वारा छोड़े जा रहे जहरीले पानी के मुद्दे पर गहन चर्चा हुई। पंचायत में किसानों का आक्रोश साफ देखने को मिला, जहां किसान नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है।
किसानों से छीना गया है फसल का भाव तय करने का हक
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत में किसानों से उनकी ही फसलों का भाव तय करने का मौलिक अधिकार छीन लिया गया है, जो अत्यंत निंदनीय है। चौधरी ने तर्क दिया कि जब कारखाने वाले अपने उत्पादों का भाव खुद तय करते हैं, तो फिर किसानों की उपज का भाव सरकार क्यों तय करती है? सरकार को किसानों का इस तरह उत्पीड़न करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने किसानों में जोश भरते हुए दो टूक शब्दों में कहा, “हक यदि मांगने से ना मिले, तो उसे छीन लेना चाहिए।” राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एमएसपी के नाम पर देश के किसानों को केवल गुमराह कर रही है। उन्होंने तत्काल एमएसपी गारंटी कानून बनाकर किसानों को उनकी फसलें सही दाम पर बेचने का कानूनी अधिकार देने की मांग की।
40 गांवों का पानी हुआ जहरीला, 99 दिन से चल रहा धरना
पंचायत में एक और बेहद गंभीर मुद्दा गजरौला की एक केमिकल फैक्ट्री का उठा। नाईपुरा के किसानों ने आरोप लगाया कि इस फैक्ट्री ने बोरवेल के जरिए अपना केमिकल युक्त खतरनाक पानी जमीन के अंदर डालने का काम किया है। इस कृत्य के कारण आसपास के लगभग 40 गांवों का भूजल पूरी तरह से जहरीला हो चुका है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और खेती पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
साफ पानी और जीवन बचाने की इस लड़ाई को लेकर शाहबाजपुर डोर (NH-9) के किनारे किसानों का अनिश्चितकालीन धरना आज 99वें दिन भी लगातार जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका संघर्ष थमेगा नहीं।
40 नए किसानों ने ली सदस्यता
इस पंचायत के दौरान संगठन को और मजबूती देते हुए नाईपुरा गांव के 40 लोगों को प्रमाण पत्र देकर भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) की सदस्यता दिलाई गई।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
पंचायत में मुख्य रूप से होमपाल सिंह, प्रकाश सैनी, गंगाराम सिंह, अहसान अली, हाजी नन्नू सैफी, सुरेश सिंह, हाजी एहसान अली, पृथ्वी सिंह, श्रीपाल सिंह, भूखन सिंह, रामप्रसाद सिंह, अकबर चौधरी, अख्तर चौधरी, मुन्नी देवी, दयावती देवी, सूरजमुखी देवी, नूर जहां, चौधरी मुन्ते आलम, चरण सिंह मेंबर, जरीफ अहमद, शीशपाल सिंह, रमेश सिंह और रामवीर सिंह सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

