National Lok Adalat Amroha-अमरोहा: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में शनिवार, 14 मार्च को न्याय और आपसी सौहार्द की एक बेहतरीन तस्वीर देखने को मिली। जिला न्यायालय परिसर में साल 2026 की पहली ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ (National Lok Adalat Amroha) का भव्य आयोजन किया गया। इस अदालत ने न केवल वर्षों से लंबित मामलों का बोझ कम किया, बल्कि कई टूटे हुए परिवारों को फिर से जोड़ने का नेक काम भी किया।
इस विशेष लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री विवेक ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं, मंच का कुशल संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) अमरोहा के सचिव और न्यायाधीश श्री अभिषेक कुमार व्यास ने किया।
समय और पैसे की बचत का बेहतरीन विकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश श्री विवेक ने कहा कि लोक अदालत हमारी न्याय व्यवस्था की एक बेहद मजबूत और अहम कड़ी है। इसके जरिए आम लोगों को आसानी से और तेजी से न्याय मिलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां विवादों का निपटारा आपसी सहमति से होता है, जिससे दोनों पक्षों के समय और पैसे की बचत होती है और समाज में भाईचारा बना रहता है।
National Lok Adalat Amroha: आंकड़ों में मिली बड़ी कामयाबी
इस बार की लोक अदालत में मुकदमों के निपटारे के आंकड़े बेहद शानदार रहे। कुल 1,19,315 मामले सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से 1,04,758 वादों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया।
अगर अकेले जिला न्यायालय अमरोहा की बात करें, तो यहां 6,620 मुकदमों का निस्तारण हुआ।
फौजदारी के मामले: 5,731 मामले सुलझाए गए और 3,71,270 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए।
विद्युत अधिनियम: अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री अरविन्द शुक्ला की अदालत में बिजली से जुड़े 700 मामलों का समाधान किया गया।
राजस्व और तहसील: जिले की विभिन्न तहसीलों और राजस्व न्यायालयों के कुल 2,094 मामले निपटाए गए।
बैंक और चालान: बैंकों की ऋण वसूली, दूरसंचार, एआरटीओ (ARTO) और पुलिस चालान से जुड़े मामलों का निपटारा करते हुए कुल 1,38,70,793 रुपये की बड़ी धनराशि की वसूली की गई।
अदालत में दिखा भावुक पल: टूटे रिश्ते फिर जुड़े
लोक अदालत का सबसे खूबसूरत पहलू कुटुम्ब न्यायालय (Family Court) में देखने को मिला। पारिवारिक विवादों के निपटारे के लिए बनाई गई विशेष कमेटी ने 53 मामलों का समाधान किया। इसके तहत पक्षकारों को 40,66,000 रुपये का मुआवजा (प्रतिकर) दिलाया गया।
सबसे खास पल वह था जब आपसी मनमुटाव के कारण अलग रह रहे दो जोड़े फिर से साथ रहने को राजी हो गए। भरी अदालत में ही पति-पत्नी ने एक-दूसरे को खुशी-खुशी फूलमाला पहनाई। न्यायालय परिसर से जब ये जोड़े राजी-खुशी विदा हुए, तो वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर मुस्कान थी।
सभी विभागों का मिला सहयोग
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अभिषेक कुमार व्यास ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का मुख्य लक्ष्य न्याय को आम आदमी की पहुंच में लाना है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए न्यायालय परिसर में बैंक, बिजली, दूरसंचार और अन्य सरकारी विभागों के विशेष काउंटर लगाए गए थे।
इस वृहद आयोजन में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री लोकेश राय, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शाकिर हुसैन, सीजेएम डॉ. लकी सहित तमाम न्यायिक अधिकारियों (श्रीमती शैल्जा राठी, हेमलता त्यागी, नसीमा खानम आदि), वकीलों और न्यायालय के कर्मचारियों का बेहद सराहनीय योगदान रहा।

