Uttarakhand Mega Projects : देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार अब ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही है। बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सिंचाई विभाग के साथ इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं को न केवल समय पर पूरा करना है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता और प्रभावितों के पुनर्वास में भी कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2029 तक पूरे होंगे दोनों प्रोजेक्ट्स: करोड़ों का निवेश
बैठक के दौरान सिंचाई सचिव श्री युगल किशोर पंत ने दोनों परियोजनाओं का वित्तीय और तकनीकी विवरण साझा किया:
जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना: इस विशाल प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹3678.23 करोड़ है। इसे जून 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
सौंग बांध पेयजल परियोजना: देहरादून के लिए संजीवनी माने जाने वाले इस 130.60 मीटर ऊंचे बांध की लागत ₹2524.42 करोड़ है। यह 150 एमएलडी गुरुत्व आधारित पेयजल उपलब्ध कराएगा और इसे नवम्बर 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश: “तैयार करें फ्लो चार्ट”
मुख्य सचिव ने कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
समयबद्धता: पूरी परियोजना का एक ‘फ्लो चार्ट’ तैयार किया जाए ताकि हर चरण निर्धारित समय पर पूरा हो सके।
क्वालिटी कंट्रोल: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड पार्टी क्वालिटी मूल्यांकन नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
सामग्री की उपलब्धता: निर्माण कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक सामग्री की सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पुनर्वास पर खास ध्यान: “तालमेल और विश्वास है जरूरी”
परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले परिवारों को लेकर मुख्य सचिव ने संवेदनशीलता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
प्रभावितों को मुआवजा, पुनर्वास और भूमि आवंटन का कार्य आपसी विश्वास में लेकर किया जाए।
प्रशासन और प्रभावितों के बीच लगातार संवाद (Communication) बना रहना चाहिए ताकि कोई भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
बैठक में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभागाध्यक्ष सिंचाई श्री सुभाष चंद्र सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड में बिजली उत्पादन के साथ-साथ पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।

