जांच के बाद हो सकती है मेंथा फैक्टरी मालिकों पर कठोर कार्रवाई..
उझानी।आग लगने के बाद करीब आठ महीने पहले मेंथा ऑयल की फैक्टरी को बंद कर दिया गया था। नीलामी प्रक्रिया भी चल रही थी, लेकिन वहां मेंथा खरीद से लेकर अन्य काम संचालित हो रहे थे। इसका खुलासा जान गंवाने वालों के परिजनों ने किया है।
उनका कहना है कि मालिकों से गार्डों का इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ, लेकिन प्रशासन व राजनीति के दबाव में फैक्टरी संचालित होती रही।अब डीएम ने बनाई जांच कमेटी अगर निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दे दे तो मालिकों पर कठोर कार्रवाई हो सकती है।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि फैक्टरी शुरू से ही विवादों के घेरे में रही है। यहां बाहर के मजदूरों का जमकर शोषण हुआ, लेकिन किसी ने आवाज उठाने की हिम्मत तक नहीं की।अगर आग लगने वाली घटना को प्रशासन हल्के में नहीं लेता तो आज इस तरह की घटना इस तरह की लापरवाही से नहीं होता।बैंक इसकी नीलामी कराएगी।बताया जा रहा है कि नीलामी को रुकवाने को भी संचालकोंं की ओर से पहल की जार रही थी।लेकिन इससे पहले हादसा हो गया।अब अगर प्रशासन ऐसे मामले में कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करता है तो इस तरह की घटनाओं को नहीं रोका जा सकता।

फैक्टरी के सीसी कैमरे किए चेक:-पुलिस टीम ने फैक्टरी में लगे सीसी कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक पुलिस की टीम फैक्टरी में डेरा जमाए रही। सीओ उझानी देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में सीसी कैमरों से लेकर तीनों के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है। सर्विलांस की मदद ली जा रही है।जिससे सभी तथ्यों पर गहनता से जांच पूरी हो सके। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद भी बहुत से तथ्य ऐसे हैं जिनपर पुलिस काम कर रही है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

