बदायूं में तेरहवीं भोज में बने रायते का मामला पहुंचा लखनऊ, गांव के हालात पर शासन ने मांगी रिपोर्ट
बदायूं के उझानी क्षेत्र के गांव पिपरौल में रेबीज पीड़ित भैंस के दूध का दही बनाकर तेरहवीं भोज में बने रायते का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। पिपरौल के हालात और ग्रामीणों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट के जवाब में हालात सामान्य होने का दावा किया गया है।फिर भी तीसरे दिन कई महिला-पुरुष और बच्चे अस्पताल पहुंचे।120 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई।
एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सोमवार सुबह में ही कई महिला-पुरुष और उनके परिवार के बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पहुंचे।उन्होंने पंजीकरण कराने के बाद वैक्सीन लगवाई।शाम तक 120 लोगों को वैक्सीन लगाई गई।गांव के ओमकार, सुनील कुमार और विजय ने बताया कि दहशत की वजह से उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए आना पड़ा।इससे पहले करीब चार सौ लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।गांव में अभी भी अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीण बोले- पिपरौल में कराएं वैक्सीन की व्यवस्था:-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों में वेदराम साहू ने बताया कि उनके कुनबे में करीब 25 लोग है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।सभी लोग वैक्सीन नहीं लगवा पाए हैं। इसी तरह कई और परिवार हैं।जिनके सदस्यों की संख्या कम नहीं है। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए पिपरौल में ही कैंप लगाकर वैक्सीन लगाई जाए।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

