राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख Mohan Bhagwat ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बात दुनिया ध्यान से सुनती है, जो भारत की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने समाज को एकजुट करने के लक्ष्य पर आत्ममंथन की आवश्यकता बताई। भागवत ने कहा कि भारत के उदय से वैश्विक विवाद कम होते हैं और दुनिया भारत से नेतृत्व की अपेक्षा करती है। विविधता में एकता ही भारत की शक्ति है।
‘भारत को विश्वगुरु बनाना आरएसएस का उद्देश्य’, बोले Mohan Bhagwat
भारत की शक्ति अब वहां प्रकट हो रही है, जहां उसे होना चाहिए था। आरएसएस के शताब्दी समारोह में भागवत ने कहा कि शताब्दियों का इंतजार करने के बजाय कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने का लक्ष्य होना चाहिए।

