राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक Mohan Bhagwat ने जयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उपाध्याय का जीवन दर्शन उनकी तपस्या का परिणाम है, जो सनातन दर्शन को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करता है। भागवत ने उपाध्याय के आदर्शों को प्रसारित करने और उनके दर्शन को सभी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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उन्होंने यहां दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति की पिछले छह वर्षों की गतिविधियों पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस मौके पर भागवत ने कहा, उपाध्याय का जो जीवन दर्शन है, उसके पीछे उनके पूरे जीवन की तपस्या है। यह केवल चिंतन नहीं है। जीवन के अनुरूप की गहराई में जो मनन हुआ है उसका परिणाम है। यह दर्शन नया नहीं है। अपना सनातन दर्शन ही है। उपाध्याय ने इस दर्शन को देशकाल और परिस्थिति के अनुरूप प्रस्तुत किया है।

