अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय Shubhanshu Shukla ने कहा कि अंतरिक्ष में राष्ट्रीयता मायने नहीं रखती, मानवता सर्वोपरि है। पृथ्वी छोड़ने के बाद पूरी पृथ्वी ही पहचान बन जाती है। उन्होंने भारत को अंतरिक्ष से देखने के अनुभव को भावुक बताया। शुभांशु एक्सिओम-4 मिशन के तहत आईएसएस गए थे, जबकि राकेश शर्मा पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री थे।
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Shubhanshu Shukla जब कोई अंतरिक्ष में होता है, तो पहचान धुंधली हो जाती हैं
इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) से संबद्ध स्कूलों के छात्रों से ऑनलाइन माध्यम से संवाद के दौरान शुभांशु ने कहा कि इस दुनिया में लोगों की अलग-अलग पहचान हो सकती है, लेकिन जब कोई अंतरिक्ष में होता है, तो वह धुंधली हो जाती हैं।

