नई दिल्ली।Arvind Kejriwal : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि सिविल लाइंस स्थित 6- फ्लैगस्टाफ रोड स्थित “शीश महल” बंगला, जिसका इस्तेमाल अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए आधिकारिक आवास के रूप में करते थे, एक “सफेद हाथी” की तरह है और दिल्ली सरकार ने अभी तक इसके भविष्य पर फैसला नहीं लिया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केजरीवाल द्वारा इस पर “बर्बाद” किया गया पैसा दिल्ली के खजाने में वापस आ जाए।
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बता दें कि जिस बंगले में केजरीवाल रहते थे, उसे भाजपा ने “शीश महल” करार दिया था। यह बंगला 2015 में दिल्ली में आप सरकार बनने से लेकर पिछले साल सितंबर में उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने तक केजरीवाल के पास था।
दिल्ली में एक कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल पर बंगले के निर्माण पर दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई “बर्बाद” करने का आरोप लगाया। गुप्ता ने कहा कि यह बंगला दिल्ली सरकार के पास एक सफेद हाथी की तरह पड़ा है और हम इस पर विचार कर रहे हैं कि इसका उपयोग कैसे किया जाए।
बता दें कि Arvind Kejriwal के मुख्यमंत्रित्व काल में पुनर्निर्मित यह बंगला भ्रष्टाचार के आरोपों और महंगे इंटीरियर व घरेलू सामानों को लेकर विवादों का केंद्र बना था। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि 2022 तक बंगले के पुनर्निर्माण पर 33.86 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
Arvind Kejriwal : भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वास्तविक लागत 75-80 करोड़ रुपये तक पहुँच गई थी
हालांकि, भाजपा नेताओं ने दावा किया कि वास्तविक लागत 75-80 करोड़ रुपये तक पहुँच गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “शीश महल” पर सार्वजनिक संसाधनों की बर्बादी देखकर दुख होता है और कहा कि इस पर खर्च किया गया सारा पैसा ब्याज सहित सरकारी खजाने में वापस किया जाएगा।

