कोलकाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बंगाल में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले यहां अपनी पैठ मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन सूत्रों के अनुसार राजस्थान के जोधपुर में हुई एक समन्वय बैठक में यह निर्णय आधिकारिक रूप से लिया गया।
समाज को एकजुट करने और देशभक्ति को बढ़ावा देने का RSS का दृष्टिकोण, जानें Mohan Bhagwat ने क्या कहा
इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले RSS संगठन का विस्तार करना और राज्य के घर-घर तक अपनी विचारधारा को और गहराई से पहुंचाना है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने समीक्षा कर पाया कि उत्तर बंगाल में संगठन अब कमजोर स्थिति में है, इसलिए वहां विशेष जोर देते हुए शाखाएं बढ़ाने और स्थानीय प्रचारकों को सक्रिय करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
नई RSS शाखाएं खोलने के निर्देश
इसके अलावा दक्षिण बंगाल के जिलों में जहां शाखाएं कम हैं, वहां तत्काल नई शाखा खोलने के निर्देश दिए गए हैं। आरएसएस इस वर्ष विजयादशमी पर अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर पूरे देश में एक विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य पिछले 100 वर्षों में संघ विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए राष्ट्र निर्माण के कार्यों में कैसे संलग्न रहा है, इसका इतिहास जनता के सामने प्रस्तुत करना है.
जल्द बंगाल आएंगे मोहन भागवत
RSS संघ प्रमुख मोहन भागवत दिल्ली में एक बैठक में संगठन के दर्शन को पहले ही समझा चुके हैं। जल्द ही उनके बंगाल आने की भी योजना है। जानकारी के मुताबिक वह राज्य के विभिन्न हिस्सों में आयोजित विशेष सम्मेलनों में सीधे शामिल होंगे। राज्य भर में संघ का अभियान महालया के दिन से शुरू होगा। इस कार्यक्रम में नागरिक सम्मेलन और गृह संपर्क अभियान शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर प्रचारक मोहल्ले-मोहल्ले, घर-घर जाकर संघ की विचारधारा का प्रचार-प्रसार करेंगे। इसके साथ ही सड़क पर आमलोगों से सीधा संपर्क स्थापित करने की भी योजना है।

