जयपुर। Rajasthan government सोमवार से शुरू होने वाले विधान सभा सत्र में अवैध मतांतरण रोकने के लिए सख्त विधेयक पेश करेगी। प्रस्तावित कानून में कठोर दंड के प्रविधान हैं।
Rajasthan government में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 62 IAS अधिकारियों के तबादले
इसमें सामान्य मामलों में सात से 14 वर्ष जेल व न्यूनतम पांच लाख रुपये का जुर्माना, सामूहिक मतांतरण के मामले में 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास व न्यूनतम 25 लाख जुर्माना और अपराध दोहराने वाले को आजीवन कारावास व कम से कम 50 लाख रुपये का जुर्माना प्रस्तावित है। मतांतरण के उद्देश्य से होने वाली शादी अमान्य होगी। ये सभी अपराध गैर जमानती होंगे। पूर्वजों के धर्म में लौटना परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी
Rajasthan government मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में रविवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस मसौदे को मंजूरी दी गई। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि वर्तमान में राजस्थान में अवैध मतांतरण रोकने के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। पहले के सत्र में पेश विधेयक वापस लिया जाएगा। प्रस्तावित कानून में नाबालिगों, महिलाओं, दिव्यांगों या एससी-एसटी मामलों में 10 से 20 वर्ष जेल और न्यूनतम 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा।
विदेशी या अनधिकृत फंडिग स्वीकार करने पर 10 से 20 वर्ष जेल और कम से कम 20 लाख रुपये का जुर्माना होगा। अवैध मतांतरण में शामिल संस्थानों का पंजीकरण रद किया जा सकता है और अनुदान वापस लिए जा सकते हैं। मतांतरण के लिए उपयोग की जाने वाली संपत्तियों को जब्त या ध्वस्त किया जा सकता है। मंत्रिमंडल बैठक के बाद भाजपा विधायकों की बैठक हुई।
Rajasthan government सदन में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों में अंतर नजर आना चाहिए
इसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों में अंतर नजर आना चाहिए। सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के साथ ही सरकार के फैसलों को भी बताया जाए। कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार को होगी। बता दें कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात में भाजपा सरकारों ने अवैध मतांतरण रोकने के लिए कानून बनाए हैं।

