जयपुर । Bhajanlal Sharma ने कहा कि हमारी सरकार राजस्थान को केवल आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि समृद्ध, सशक्त और सर्वापरि राज्य बनाने की प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नया इतिहास रचा गया है। उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि उद्यमी अधिक से अधिक निवेश कर राज्य की विकास यात्रा में सहभागी बनें।
जनसेवा के पथ पर सरकार और संगठन बेहतर तालमेल के साथ तेजी से बढ़ रहे आगे : Bhajanlal Sharma
Bhajanlal Sharma गुरूवार को जयपुर में इकोनॉमिक टाइम्स राजस्थान बिजनेस समिट 2025 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान भौगोलिक दृष्टिकोण से सबसे बड़ा तथा व्यापारिक दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। राइजिंग राजस्थान समिट के आयोजन से राज्य सरकार को 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, इनमें से 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर धरातल पर काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को अधिक सुगम बनाने के लिए राज्य में राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान मिनरल पॉलिसी, रीको प्रत्यक्ष आवंटन नीति, डेटा सेंटर नीति, वस्त्र एवं परिधान नीति, राजस्थान पर्यटन इकाई नीति जैसी नीतियां जारी की गई।
विजन डॉक्यूमेंट-2047 राजस्थान के सुनहरे भविष्य का खाका Bhajanlal Sharma
Bhajanlal Sharma ने कहा कि राजस्थान ने खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देशभर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। देश के कुल खनिज ब्लॉक आवंटन का 20 प्रतिशत अकेले राजस्थान से हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने विजन डॉक्यूमेंट-2047 को मंजूरी दी है। यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि राजस्थान के सुनहरे भविष्य का खाका है।
हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक राजस्थान 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 सौर परियोजनाओं को मंजूरी, नई भूमि आवंटन नीति, पंच गौरव जैसे नवाचारों एवं निर्णयों से ऊर्जा एवं उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
जोधपुर-पाली औद्योगिक गलियारा विकास का एक नया अध्याय
मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर निर्णय ले रही है। जोधपुर-पाली औद्योगिक गलियारा, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे का यह महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो 19 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में 50,000 प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा वस्त्र, कृषि, इंजीनियरिंग और ऑटो क्लस्टर उद्योगों पर केंद्रित यह परियोजना राजस्थान को औद्योगिक मानचित्र पर नया स्थान दिलाएगी।

