Dharali Disaster : मुख्यमंत्री ने बताया कि खराब मौसम के बावजूद अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। इसमें स्थानीय लोग और देश भर से आए तीर्थयात्री भी शामिल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी संख्या में बचाव दलों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घायलों को जिला अस्पताल और एम्स में भर्ती किया गया है। सभी को उच्च गुणवत्ता वाला इलाज प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
Dharali Disaster : राहत सामग्री की आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हर्षिल और धराली क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां, दूध, राशन और कपड़े भेजे गए हैं। इन सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों में सही समय पर पहुंचाने के लिए सरकार ने पर्याप्त इंतजाम किए हैं। क्षेत्र में राहत कार्यों को तेज़ी से चलाने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना आवश्यक सहायता के न रह जाए।
Dharali Disaster : बिजली आपूर्ति और मोबाइल कनेक्टिविटी
हर्षिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए उरेडा का पावर हाउस चालू किया गया है। साथ ही, यूपीसीएल ने क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को ठीक करवा दिया है। इस कदम से स्थानीय लोगों को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो पाई है। इसके अलावा, मोबाइल कनेक्टिविटी में भी सुधार किया गया है, जिससे लोग एक दूसरे से संपर्क कर सकते हैं और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
Dharali Disaster : सड़क मरम्मत और सरकारी सहायता
हर्षिल क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंगलवार तक हर्षिल तक सड़क मार्ग को पूरी तरह ठीक कर लिया जाएगा। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का वादा किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है, और उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार भरपूर सहयोग दे रही है।

