Amroha जनपद के गजरौला से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। शुक्रवार दोपहर करीब पौने एक बजे चकनवाला रोड पर गांव टोकरापट्टी से कुछ ही दूरी पर, एचआर रिसोर्ट के पास सड़क किनारे वह नज़ारा देखने को मिला जिसने हर पर्यावरण प्रेमी को झकझोर दिया।
Amroha जनपद की 103 ग्राम पंचायतों में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी
जहां कल तक आम का हरा-भरा बाग लहलहाता था, आज वहां सिर्फ कटे हुए पेड़ों की टहनियां, हरे पत्तों का ढेर और उजड़ी हुई ज़मीन बची है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काम वन माफियाओं का है, जिन्होंने फलदार आम के कई पेड़ों को रातोंरात जमींदोज़ कर दिया।
Amroha आखिर प्रशासन इस हरियाली की लूट पर कब जागेगा?
मौके पर पेड़ों के ताजे कटे हुए निशान और चारों ओर बिखरी हरियाली इसकी गवाही दे रही है। अब सवाल ये है कि आखिर प्रशासन इस हरियाली की लूट पर कब जागेगा? क्या पेड़ों की कटाई पर कोई कार्रवाई होगी या फिर ये बाग भी बाकी पर्यावरण अपराधों की तरह फाइलों में ही दफ्न हो जाएगा?

