केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि 2023-24 में भारत की साक्षरता दर बढ़कर 80.9% हो गई है जो 2011 में 74% थी। उन्होंने उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की सराहना की जिसके तहत 3 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों और 42 लाख स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है। प्रधान ने युवाओं से साक्षरता मिशन में योगदान करने का आग्रह किया।
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Dharmendra Pradhan साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का साधन है
प्रधान ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का साधन है। प्रधान ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2025 के अवसर पर एक वर्चुअल संबोधन में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की भूमिका को सराहते हुए कहा कि इसके तहत तीन करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों और 42 लाख स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है।

