प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो हर किसी को हैरान कर रहा है। दो बच्चों की मां अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ी हुई थी। आखिरकार, पति ने भी एक अनोखा फैसला लिया, जिसकी वजह से ये घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोग इस पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। ये कहानी प्यार, त्याग और परिवार की जटिलताओं की है, जो आज के दौर में आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि महिला के पति ने न सिर्फ अपनी पत्नी को प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दी, बल्कि थाने में दोनों के बीच समझौता भी करवाया। पति ने अपने दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी खुद संभालने का वादा किया। ये सब कुछ इतनी आसानी से हुआ कि देखने वाले दंग रह गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पति नीली टी-शर्ट में है, जबकि प्रेमी हरी टी-शर्ट पहने नजर आ रहा है। ये दृश्य किसी फिल्म की तरह लगता है, लेकिन ये हकीकत है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्यार की खातिर परिवार छोड़ना सही है? या फिर पति का ये त्याग वाकई सराहनीय है? ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों में विश्वास और समझ कितनी जरूरी है। आज के समय में जहां तलाक और अलगाव की खबरें आम हैं, वहां ये मामला अलग इसलिए है क्योंकि यहां कोई झगड़ा या कोर्ट-कचहरी नहीं हुई। सब कुछ आपसी सहमति से सुलझ गया। लेकिन बच्चों का क्या? उनकी मां का साथ छूटना उनके लिए कितना मुश्किल होगा? ये सोचकर दिल दुखता है।
महिला के पति ने उसे प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दी
महिला के पति ने बिना किसी हिचक के अपनी पत्नी को प्रेमी के साथ जाने की मंजूरी दे दी। थाने में दोनों पक्षों ने लिखित समझौता किया। पति ने कहा कि वो बच्चों को खुद पालेंगे, उनकी देखभाल करेंगे। महिला भी इस फैसले से खुश नजर आई। उसके चेहरे पर कोई अफसोस या पछतावा नहीं दिखा। वो अपने प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू करने को तैयार थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में महिला खुद कैमरे के सामने कह रही है कि वो प्रेमी के साथ जाएगी और बच्चे पति के पास रहेंगे। ये देखकर कई लोग पति की तारीफ कर रहे हैं कि उसने इतना बड़ा दिल दिखाया। वहीं, कुछ महिलाओं का कहना है कि अगर रिश्ता जबरदस्ती का हो तो अलग होना बेहतर है। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये फैसला लंबे समय तक टिक पाएगा? क्या महिला को कभी बच्चों की याद नहीं आएगी? या पति अकेले बच्चों को संभाल पाएगा? ये सब वक्त ही बताएगा। इस तरह की घटनाएं समाज में नई बहस छेड़ देती हैं। लोग सोचते हैं कि शादी के बाद प्यार का क्या मतलब रह जाता है। लेकिन यहां पति ने जो किया, वो शायद कई लोगों के लिए मिसाल बनेगा। त्याग की ऐसी कहानियां कम ही सुनने को मिलती हैं।
क्या है मामला?
अंतू थाना क्षेत्र के आधारपुर ग्राम सभा के गोपालपुर गांव की एक विवाहित महिला का सेवकराय का पुरवा के रहने वाले आलोक वर्मा से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों के बीच ये रिश्ता काफी समय से था। जब पति को इसकी भनक लगी, तो मामला थाने पहुंच गया। लेकिन यहां कोई मारपीट या झगड़ा नहीं हुआ। बल्कि, थाने में ही प्रेमिका के पति और प्रेमी के बीच समझौता हो गया। समझौते में ये तय हुआ कि बच्चे पति के पास रहेंगे और महिला प्रेमी के साथ चली जाएगी। महिला ने भी इस पर सहमति जताई। उसके चेहरे पर बच्चों को छोड़ने का कोई दुख नहीं दिखा। वो खुशी-खुशी प्रेमी के साथ जाने को राजी हो गई। इस पूरे मामले का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। अब ये वीडियो वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि महिला कह रही है, “मैं अपने प्रेमी के साथ जा रही हूं, बच्चे पति संभालेंगे।” ये सुनकर कई लोग हैरान हैं। आखिर एक मां कैसे इतनी आसानी से बच्चों को छोड़ सकती है? लेकिन कुछ का मानना है कि अगर दिल कहीं और लगा हो तो जबरदस्ती रहना दुख देता है। ये मामला हमें बताता है कि प्यार की राह में कितनी मुश्किलें आती हैं। गांव में भी इस पर चर्चा हो रही है। लोग कहते हैं कि आजकल के दौर में ऐसे रिश्ते आम हो गए हैं, लेकिन बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है। पति ने बच्चों को अपने पास रखने का फैसला लिया, जो सराहनीय है। लेकिन क्या वो अकेले सब संभाल पाएंगे? परिवार की मदद मिलेगी या नहीं? ये देखना बाकी है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स पति के त्याग को महान बता रहे हैं। वे कहते हैं कि पति ने सच्चा प्यार दिखाया, जो अपनी पत्नी की खुशी के लिए सब कुछ छोड़ दिया। वहीं, पत्नी की आलोचना भी हो रही है। लोग कह रहे हैं कि एक मां होने के नाते उसे बच्चों के बारे में सोचना चाहिए था। लेकिन दूसरी तरफ, कुछ लोग पत्नी के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर शादी में प्यार नहीं है तो अलग होना बेहतर है। बिना मन के साथ रहने से जीवन नर्क बन जाता है। महिला भी परेशान रहती और बच्चे भी प्रभावित होते। लेकिन इस बहस में सबसे ज्यादा चिंता उन दो छोटे बच्चों की है। वे अभी इतने समझदार नहीं हैं कि ये सब समझ सकें।
पिता ने उन्हें अपने पास रखने का फैसला किया है, लेकिन मां का प्यार उन्हें मिलेगा या नहीं? क्या महिला कभी लौटकर आएगी? या प्रेमी के साथ नई जिंदगी में खुश रहेगी? ये सवाल हर किसी के मन में हैं। समाज में ऐसे मामले हमें बताते हैं कि रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए संवाद जरूरी है। अगर शुरू में ही बात हो जाती तो शायद ये नौबत न आती। लेकिन अब जो हुआ सो हुआ। उम्मीद है कि बच्चे स्वस्थ और खुश रहें। पति को भी ताकत मिले कि वो अकेले सब संभाल सके। ये घटना एक सबक है कि प्यार और परिवार के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल है। सोशल मीडिया पर ये चर्चा अभी थमने वाली नहीं है। हर दिन नई-नई टिप्पणियां आ रही हैं। कुछ लोग इसे मजाक बना रहे हैं, तो कुछ गंभीरता से सोच रहे हैं। लेकिन हकीकत ये है कि ये एक परिवार की कहानी है, जो अब सार्वजनिक हो गई।

