Virat Kohli -Rohit Sharma In ODI: विराट कोहली और रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट महानत खिलाड़ियों में शुमार हैं. हालांकि दोनों के आंकड़े इस फॉर्मेट में बेमिसाल हैं, फिर भी कुछ चीजें हैं जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करती हैं. जहां कोहली को उनकी बेहरतरीन कंसिस्टेंसी और ‘चेज-मास्टर’ के स्टेटस के लिए अक्सर सराहा जाता है, वहीं रोहित अपने विस्फोटक और मैच का नतीजा तय करने वाली शुरुआत देने की कबिलियत के लिए जाना जाता है.
नंबर्स में कोहली आगे
कोहली और रोहित दोनों को एक दूसरे से कंपेयर किया जाता रहा है, हालांकि आंकड़ों के मामले में विराट ने रोहित के मुकाबले कुछ बढ़त बनाए रखी है. टीम इंडिया पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने समझाया है कि ऐसा क्यों है.
‘सेंचुरी किंग’ कोहली
सिर्फ नंबर के नजरिए से, कोहली कुछ हद तक रोहित को पीछे छोड़ देते हैं. जहां विराट का एवरेज वनडे फॉर्मेट में तकरीबन 59 है, वहीं रोहित ने तकरीबन 49 के औसत से रन बनाए हैं. शतकों की बात करें तो, कोहली से बेहतर कोई नहीं है, जिन्होंने इस फॉर्मेट में अपने नाम पर भारी-भरकम 53 शतक दर्ज किए हैं, वहीं रोहित ने 33 शतक बनाए हैं. कैफ के लिए, यही वो एरिया है जहां कोहली रोहित को पीछे छोड़ देते हैं.
‘विराट हमेशा आगे’
कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा, ‘विराट कोहली शुरुआत को बड़े स्कोर में बदल देते हैं. 30 या 40 रन का स्कोर ये इशारा देता है कि वह मैच के अंत तक खेलेंगे, मैच जीतेंगे, और यदि वह फॉर्म में हैं, तो लगातार प्रदर्शन करेंगे. इसीलिए, वनडे क्रिकेट में विराट कोहली हमेशा रोहित शर्मा से आगे रहे हैं.’
‘मेंटालिटी का फर्क’
यही मानसिकता दोनों भारतीय दिग्गजों के बीच फर्क भी दिखाती है. कोहली के लिए हमेशा शुरुआत को बड़े शतक में बदलना मायने रखता है. सेंचुरी बनाना कोहली के लिए नॉर्मल बात है, और अगर वो ऐसा नहीं करते तो संतुष्ट नहीं होते. वहीं रोहित के लिए, एक सलामी बल्लेबाज के तौर पर मजबूत नींव रखना सबसे अहम है.
WC 2027 है टारगेट
कैफ ने कहा, ‘कोहली लगातार रन बनाते हैं और बड़ी पारियां खेलते हैं. ये आप तब देख सकते हैं जब विराट कोहली पहले वनडे में आउट हुए थे; वो सिर हिला रहे थे, सोच रहे थे कि उन्होंने गलत शॉट खेला.’ हालांकि इनकी जर्नी एक-दूसरे से थोड़ी अलग हो सकती हैं, लेकिन कोहली और रोहित दोनों के दिल में सिर्फ एक टारगेट है – 2027 का वनडे वर्ल्ड कप भारत के लिए जीतना.

