Venkateshwara University -गजरौला/अमरोहा: अमरोहा स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय (SVU) और विम्स (VIMS) में शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा। मौका था नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती और बसंत पंचमी का। इस अवसर पर आयोजित ‘सांस्कृतिक संध्या व काव्य गोष्ठी’ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भावी डॉक्टर्स ने स्टेथोस्कोप छोड़ मंच संभाला और अपनी कला का जादू बिखेरा।
MBBS छात्रों ने जमाया रंग
समारोह में एमबीबीएस और पीजी (MD/MS) के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद भक्ति गीतों पर एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुतियां देकर देर शाम तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध रखा।
महफिल में जब कवियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद सजी काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकारों ने बसंत और देशभक्ति के रंग घोले:
डॉ. यतीन्द्र कटारिया: “पीली चादर ओढ़ धरा, मधुर हुआ जहान। आम्र मंजरी बोल उठी, गूंजे प्यारे तान।।”
मनोज मनु (मुरादाबाद): “आ गये ऋतुराज तो मौसम सुहाना आ गया, फूल, तरू, पल्लव कली को मुस्कराना आ गया।।”
हर्ष अमरोही: “पीली सरसों के खेतों में बस सूरज सा मुस्काता है…”
डॉ. मधु चतुर्वेदी (विख्यात कवियत्री): “चांदनी रात हो आपका साथ हो, रोज यूं जिन्दगी से मुलाकात हो।।”
प्रतिकुलाधिपति ने भी सुनाई शायरी
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए अपने अंदाज में कहा:
“अंधेरे हर किसी इंसान का मकसद नहीं होते, उजालों में पले हर शख्स की सरहद नहीं होते।”
शिक्षा का महापर्व है बसंत: डॉ. सुधीर गिरि
समूह चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि ने कहा कि बसंत पंचमी शिक्षण संस्थानों के लिए सबसे बड़ा महापर्व है। ज्ञान और विज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के जीवन में सर्वाधिक महत्व रखता है।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुधीर गिरि, डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे और वित्त निदेशक युवराज सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ. सुप्रीति भटनागर, एमएस डॉ. सुरेश जी मेहता, डॉ. राजेश सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित भारी संख्या में स्टाफ मौजूद रहा।

