देहरादून/नैनीताल: उत्तर भारत के साथ-साथ देवभूमि उत्तराखंड में भी शीतलहर (Cold Wave) का सितम जारी है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और मैदानों में घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उत्तराखंड के विभिन्न जिला प्रशासनों ने स्कूलों में शीतकालीन अवकाश (Winter Vacation) को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
नैनीताल जिले में 17 जनवरी तक स्कूल बंद
नैनीताल के जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिले के हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी और रामनगर जैसे मैदानी (भाबर) क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। जारी आदेश के अनुसार:
कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल 16 और 17 जनवरी 2026 को बंद रहेंगे।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरिद्वार और उधमसिंह नगर में कोहरे का कहर
मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधमसिंह नगर में विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो गई है। मौसम विभाग ने यहाँ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। हरिद्वार में भी शीतलहर और पाला (Ground Frost) गिरने के कारण छोटे बच्चों के लिए स्कूल फिलहाल बंद रखने या समय बदलने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
पहाड़ों में ‘ग्राउंड फ्रॉस्ट’ का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय तापमान 3°C से 5°C तक गिर सकता है। पहाड़ी इलाकों में ‘ग्राउंड फ्रॉस्ट’ (जमीन पर पाला जमना) की वजह से सुबह के समय फिसलन और अत्यधिक ठंड बनी हुई है।
अभिभावकों के लिए सलाह: जिला प्रशासन ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखें और स्कूल खुलने की ताजा जानकारी के लिए स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या पोर्टल पर नजर रखें।

