swami-avimukteshwaranand-प्रयागराज | मुख्य संवाददाता धार्मिक जगत के प्रमुख व्यक्तित्व स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक गंभीर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो (POCSO) अदालत ने नाबालिग से यौन शोषण के आरोपों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद धार्मिक एवं सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
अदालत ने कहा: “आरोप गंभीर, निष्पक्ष जांच जरूरी”
एडीजे (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने अपने तल्ख रुख में कहा कि चूंकि आरोप एक नाबालिग के यौन शोषण से जुड़े हैं और अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए पुलिस को तत्काल कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज करना चाहिए। अदालत ने झूंसी थाना पुलिस को निर्देशित किया है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाए और सभी साक्ष्यों व गवाहों का बारीकी से परीक्षण किया जाए।
आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका पर हुई कार्रवाई
यह कानूनी कार्रवाई शकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज द्वारा दायर की गई याचिका के आधार पर हुई है। उन्होंने धारा 173(4) के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
याचिका का आधार: याचिकाकर्ता ने दावा किया कि पीड़ित पक्ष को लंबे समय से न्याय नहीं मिल पा रहा था और रसूख के कारण मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
साक्ष्य के रूप में सीडी: आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने कथित घटनाओं से जुड़ी एक संदिग्ध ‘सीडी’ (CD) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अदालत को सौंपे हैं, जिसे कोर्ट ने संज्ञान में लिया।
वाराणसी तक निकलेगी ‘सच्चाई की पदयात्रा’
कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने मीडिया से बात करते हुए इसे ‘सत्य की जीत’ बताया। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस सच्चाई को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रयागराज से विद्या मठ, वाराणसी तक ‘पैदल सनातन यात्रा’ निकालेंगे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की शुचिता बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों का पर्दाफाश होना आवश्यक है।
पुलिस और धार्मिक हलकों में हलचल
अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाना पुलिस अब एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन करेंगे। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों और विरोधियों के बीच इस खबर को लेकर बहस छिड़ गई है। आगामी दिनों में पुलिस की जांच और इसमें शामिल सबूतों पर पूरे देश की नजर रहेगी।

